
जनवक्ता ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल विद्युत क्षेत्र को बढ़ावा देने के उपायों को स्वीकृति देने के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा में बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं (एचपीओ) को गैर नवीकरणीय सौर खरीद दायित्व के हिस्से के तहत लाना शामिल है जो एक स्वागत योग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि सड़कों, पुलों जैसी सहायक अधोसंरचना के विकास के अतिरिक्त 200 मैगा वॉट की परियोजनाओं के लिए 1.5 करोड़ रुपये प्रति मैगा वॉट तक सीमित और 200 मैगा वॉट से अधिक को परियोजनाओं के लिए एक करोड़ प्रति मैगा वॉट का बजट सहयोग दिया जाएगा जिससे उन परियोजनाओं का दोहन हो सकेगा जो किसी कारणवश रुकी हुई थी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की पहल की सराहना करते हुए कहा कि युक्तिकरण उपायों से डेवलपर्स को लचीलापन मिलेगा और इससे परियोजना के जीवनकाल में 40 वर्षों की वृद्धि होगी और ऋण चुकाने की अवधि 18 वर्ष तक बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जल विद्युत क्षेत्र को बढ़ावा देगा जिसमें बाढ़ आधुनिकरण की लागत के लिए बजट सहायता प्रदान करना तथा टेरिफ को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे की लागत व टेरिफ युक्तिकरण उपायों से टेरिफ में कमी आएगी जिसका भार उपभोक्ताओं पर पड़ता था।
जय राम ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय का प्रमुख प्रभाव रोजगार सृजन क्षमता पर भी पड़ेगा क्योंकि अधिकतर जल विद्युत क्षमता हिमालय क्षेत्र में है जिसके परिणामस्वरूप बिजली क्षेत्र में प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होने से समग्र सामाजिक आर्थिक उत्थान सुनिश्चित होगा। इससे परिवहन क्षेत्र में भी अप्रत्यक्ष रोजगार/उद्यमिता के अवसर उपलब्ध होंगे जो पर्यटन गतिविधियों व अन्य लघु व्यापार को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने भी इस सराहनीय पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से 25 मैगा वॉट से अधिक क्षमता की बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं को भी नवीकरण ऊर्जा स्त्रोत घोषित किया गया है।
गौरतलब है कि यह सब केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के सकारात्मक पहल के कारण व राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयासों के चलते संभव हो सका है। सम्पूर्ण जल विद्युत को नवीकरण ऊर्जा घोषित करने व हाईड्रो पॉवर ओबलिगेशन से सम्बन्धित मामलों को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा द्वारा समय-समय पर विभिन्न मंचों पर उठाया गया।
