जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अनिल शर्मा का ऊर्जा मंत्री के पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अनिल अब भाजपा के विधायक हैं। बीते दिन इस्तीफा देने के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस पूरे मसले पर राज्यपाल से फोन पर बात की। इसके बाद दोपहर को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अधिकारी त्यागपत्र की प्रति लेकर राजभवन पहुंचे और उन्होंने फाइल पर अपनी मंजूरी दे दी। जयराम ठाकुर के नाम संबोधित त्यागपत्र में अनिल ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम शांता कुमार, मंडी संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा और मुख्यमंत्री की ओर से उनके खिलाफ की गई बयानबाजी को शातिराना हमला बताया। उन्होंने कहा- मंडी जिले में ही मुझ पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे मैं आहत हुआ हूं। स्थितियां मेरे वश में नहीं हैं और मुझे बिना किसी दोष के इस्तीफा देने को मजबूर किया गया। अनिल ने त्यागपत्र में यह भी लिखा है कि वह किसी भी स्तर पर पार्टी के खिलाफ नहीं गए और अपनी क्षमता के अनुसार काम करने की कोशिश की। परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर हैं, इसलिए आगे की कड़वाहट से बचने और अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए इस्तीफा देना उचित लग रहा है। अनिल शर्मा ने अपने त्यागपत्र के जरिये भी मुख्यमंत्री, रामस्वरूप शर्मा और शांता कुमार पर निशाना साधने से गुरेज नहीं किया।
साभार अमर उजाला

