रुद्रप्रयाग,। अरुणाचल प्रदेश में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह के आगर-दशज्यूला गांव पहुंचकर पूर्व सैनिक संगठन अगस्त्यमुनी के शिष्ट मंडल ने शहीद के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। संगठन ने शहीद के पिता पूर्व सैनिक सतेंद्र सिंह राणा को आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में पूर्व सैनिक संगठन उनके परिवार के साथ खड़ा है।
उल्लेखनीय है कि जनपद रुद्रप्रयाग के आगर-दशज्यूला क्षेत्र के निवासी शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। अरुणाचल प्रदेश के अलोंग क्षेत्र में देश सेवा के दौरान उन्होंने वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका यह बलिदान न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। शहीद अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री सहित पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सोमवार को सुबह पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी जब आगर गांव पहुंचे तो वहां शोकाकुल माहौल था। उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर कहा कि इस अपूरणीय क्षति से पूरा देश मर्माहत है। संगठन के जिलाध्यक्ष राय सिंह रावत ने कहा कि “रविन्द्र सिंह जैसे वीर सपूतों के बलिदान से ही देश सुरक्षित है। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि शहीद की वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उनके बलिदान से न केवल गांव बल्कि सम्पूर्ण जनपद और उत्तराखंड प्रदेश में शोक की लहर है। इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष सूबेदार राय सिंह रावत, सूबेदार शेर सिंह कण्डारी, नायब सूबेदार तेजपाल सिंह खत्री, हवलदार पीताम्बर प्रसाद, हवलदार सुरेंद्र सिंह राणा व हवलदार जोत सिंह नेगी सहित अन्य मौजूद थे।
