
जनवक्ता ब्यूरो शिमला
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और स्वास्थ्य बी.के. अग्रवाल ने आज यहां बताया कि पुलिस उप अधीक्षक/उपमण्डल पुलिस अधिकारी पावंटा साहिब प्रमोद चौहान, प्रतिभा चौहान, उप पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर, उप निरीक्षक मोहर सिंह, थाना प्रभारी पुलि थाना माजरा नेतृत्व में एक दल ने सहायक ड्रग कंट्रोलर जिला सिरमौर निशांत सरीन, ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौहान, ललित कुमार, बसंत मित्तल के सहयोग से बिना किसी वैध ड्रग लाइसेंस के दवा बेच रही 10 दुकानों पर एक साथ छापेमारी की।
उन्होंने कहा कि छह मामलों में धारा 18(सी) के तहत बिना ड्रग लाइसेंस के तथा 18(ए) के तहत बिल की सूचना इत्यादि छुपाने के लिए मामले दर्ज किए हैं। इनमें अमजद खान, अमजद क्लिनिक, ग्राम डाकघर मिस्रवाला, तहसील पावंटा साहिब, शमशाद अली, शमशाद क्लिनिक, नजदीक मिस्रवाला चौक तहसील पावंटा साहिब, दुशासन सरकार मिस्रवाला तहसील पावंटा साहिब, प्रतीश कुमार विश्वास, क्लीनिक माजरा तहसील पावंटा साहिब तथा पिंटू लाल विश्वास धौलाकुआं तहसील पांवटा साहिब शामिल थे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि अस्थाम-उल-हक अंसारी स्थायी निवासी अंगारण पुलिस थाना मंडी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी की एक दुकान को मिस्रवाला में सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए ये छापे मारे गए थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी क्योंकि राज्य सरकार राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
