देहरादून,। उत्तराखण्ड में महिलाओ की अस्मिता की रक्षा व सरकार की पर्यटन नीति पर अंकिता प्रकरण एक काला धब्बा है उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार को अपनी पर्यटन नीति व राजनैतिक राजनीति की समिक्षा कर इस प्रकार की घटनाओ पर स्थाई रोक लगानी चाहिये। उत्तराखण्ड लोक वाहनी ने सरकार से माग की है कि प्रदेश में वाईरल हो रहे आरोप प्रत्यारोपो पर सीबीआई जांच करा कर सत्यता जनता के सामने रखनी चाहिये अन्यथा जनता उन्हें माफ नही करेगी। रेवती बिष्ट की अध्यक्षता मे आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने धार्मिक पर्यटन के नाम पर धर्म स्थलों को मौजमस्ती का अड्डा बना दिया है, पहाड़ो मे शराब परोसी जा रही है ,युवा नशे की गिरफ्त मे जा रहे हैं, नाबालिक बच्चों को नशा बेचने का टूल किट बनाया जा रहा जिस पर कार्यवाही करने के लिये पुलिस के हाथ बधे हुए हैं।
वक्ताओ ने सरकार से यह भी अपील की कि सरकार एस आई आऱ के माध्यम से पहाड़ मे वोटरों की संख्या को कम कर पहाड़ों में विधानसभा की सीटों को कम करने का कुचक्र रच रही है ।विवाहित महिलाओ व रोजगार के लिये बाहर चले गये लोगो को अपना वोट बचाने व बनाने के लिये समन्यवय स्थापित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।यदि लोगों का वोट नही बचा तो भा ज पा सरकार की नागरिकता नीति के अनुसार लोगो को अपनी नागरिकता साबित करने मे भी परेशानिया होंगी।
वक्ताओ ने कहा कि सरकार को वास्तविक जनसंख्या की जांच करने व परिसिमन के मानको के लिये परिवार रजिस्टर को दुरुस्त करने के साथ ही भौगोलिक मानको को भी स्थापित करना चाहिये ।साथ ही राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश मे जो पर्वतीय निवास प्रमाण पत्र सरकारी सेवाओ मे लिया जाता था उसे फिर से स्थापित कर केन्द्र व सरकारी योजनाओ मे इसका लाभ दिया जाय ताकि पलायन पर अंकुश लगाया जा सके। वक्ताओ ने कहा कि पहाड़ो मे भूमि कानूनों में अंग्रेज सरकार के दौरान जो शिथिलता थी उसे फिर से स्थापित किया जाय तथा जमीनों की खरीद फरोख्त पर अन्य पर्वतीय राज्यों की तरह रोक लगाई जाय। बैठक में पूरन चंद्र तिवारी, एड. जगत रौतेला, दयाकृष्ण काण्डपाल , अजयमित्र सिह बिष्ट., जंगबहागुर थापा ,बिशन दत्त जोशी, एड.अजय मेहता, हारिस मुहम्मद आदि मौजूद रहे।