देहरादून,। भाजपा ने कांग्रेसी प्रदर्शन को देवभूमि के चहुमुखी विकास से ध्यान भटकाने और समय पूर्व चुनावी बुखार चढ़ने का नतीजा बताया है। प्रदेश मीडिया महामंत्री कुंदन परिहार ने व्यंग किया कि ऐसे राजनैतिक कार्यक्रमों का जनमुद्दों से दूर दूर तक कोई सरोकार नहीं है, सिवाय कांग्रेस नेताओं की अपनी अपनी राजनैतिक बेरोजगारी दूर करने के। जबकि हमारी सरकार जनकल्याण एवं विकास के लिए एक एक क्षण का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रदेश में विपक्षमुद्दाविहीन और विचारहीन हो गया। वे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, विकास और जनकल्याण आदि तमाम मुद्दों को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि जनता राज्य में कल्याणकारी सरकार की अवधारणा को फलीभूत होते देख और महसूस कर रही है। कांग्रेस पार्टी के अंदर इस सत्य को स्वीकारने का साहस नहीं है, तभी वह लगातार झूठ, भ्रम और प्रपंच की राजनीति में जुटी है। 2014 के बाद से एक के बाद एक लगातार पराजय से हताश निराश कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बौखलाई हुई है। उनके नेता जमीनी हकीकत और जनमुद्दों से पूरी तरह कटे और आपस में बंटे हुए हैं। यही वजह है कि जन समस्याओं को लेकर सड़क और सदन दोनों जगह सोने वाली कांग्रेस पार्टी, चुनाव की आहट से जग गई है। उनके नेताओं को राष्ट्र समाज निर्माण या जनसरोकारों से कोई मतलब नहीं रहता है। बस अंतर इतना है कि चुनाव के लिए जीने मरने वाली कांग्रेस पर चुनावी बुखार समय से पहले चढ़ने लगा है।
उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से कांग्रेसी आरोपों की हवा निकलाते हुए कहा, आज प्रदेश में बेरोजगारी कम होने की औसत गति देश से भी अधिक है, सिवाय कांग्रेस नेताओं की बेरोजगारी के। राज्य निर्माण के बाद हुई कुल सरकारी नियुक्तियों से भी अधिक लगभग 28 हजार नौकरियां युवाओं का भविष्य सुरक्षित बना चुकी हैं। जिसके लिए नकल माफियाओं का सफाया किया गया और नकल निरोधक कानून के संरक्षण में पारदर्शी और ईमानदार भर्तियां हुई।
भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कड़ाई से अमल हमारी सरकार कर रही है। जिस विपक्ष की सरकारों ने राज्य में भ्रष्टाचार का दलदल बनाया और उनमें बड़े-बड़े घोटालेबाज मगरमच्छ पैदा हुए किए गए। इन्होंने भ्रष्टाचार की एक भी छोटी मछली तक नहीं पकड़ी और हमें मगरमच्छ पकड़ने की चुनौती देते थे। लेकिन मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में मछली ही नहीं आईएएस, आईएफएस जैसे बड़े-बड़े मगरमच्छ भी आज सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। आज डबल इंजन सरकार में प्रदेश तीव्र गति से चौमुखी विकास कर रहा है, लेकिन कांग्रेस के लिए इसे राजनीतिक चश्मे से देखना संभव नहीं है। प्रति व्यक्ति आय, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निर्यात अनुकूल वातावरण, विकास योजनाओं के अमलीकरण आदि तमाम केंद्रीय विकास सूचकांकों में उत्तराखंड की गिनती देश के शीर्ष राज्यों में हो रही है।
