• Thu. Jun 4th, 2026

उच्च शिक्षा के मुद्दों पर सरकार और विश्वविद्यालय गंभीर नहींः सुनील अग्रवाल

ByJanwaqta Live

Jun 3, 2026

देहरादून,। निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड ने राज्य के विश्वविद्यालयों से संबद्ध निजी महाविद्यालयों की लंबित संबद्धता (एफिलिएशन) के मुद्दे को लेकर सरकार, विश्वविद्यालय प्रशासन और राजभवन की कार्यप्रणाली पर अनेक सवाल खड़े किए हैं।
आज यहां उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का हब कहे जाने वाले उत्तराखंड में उच्च शिक्षा से जुड़े गंभीर मामलों के समाधान को लेकर कोई गंभीरता दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध निजी कॉलेजों का प्रत्येक वर्ष विश्वविद्यालय की निरीक्षण टीम द्वारा सघन निरीक्षण किया जाता है और संबद्धता विस्तार की संस्तुति भी दी जाती है। इसके बाद विश्वविद्यालय छात्रों के प्रवेश और परीक्षाएं भी संपन्न करवा लेते हैं, लेकिन अधिकांश कॉलेजों को वर्ष 2019 से अब तक श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्धता विस्तार पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संबद्धता विस्तार पत्र नहीं मिलने के कारण छात्रों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई कॉलेजों को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद नए पाठ्यक्रमों की संबद्धता नहीं मिल सकी है।उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई बार विश्वविद्यालय के कुलपति, तत्कालीन उच्च शिक्षा सचिव तथा शिक्षा मंत्री से वार्ता की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज संचालकों को विश्वविद्यालय अधिकारियों की ओर से बताया जाता है कि संबद्धता संबंधी फाइलें राजभवन में लंबित हैं। ऐसे में कॉलेज संचालक विश्वविद्यालय और राजभवन के बीच चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि मामले को कुलाधिपति एवं राज्यपाल के समक्ष रखने के लिए भी प्रयास किए गए। उनका कहना है कि 12 मई को ही राज्यपाल से मिलने के लिए लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे प्रतीत होता है कि उच्च शिक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में छात्रों की डिग्रियों की वैधता पर कोई प्रश्नचिह्न खड़ा होता है तो इसका खामियाजा कॉलेजों और छात्रों को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन और विश्वविद्यालय को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए ताकि छात्रों के हित प्रभावित न हों। आयोजित की गई इस पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, सचिव निशांत थपलियाल, छबील सिंह, कोषाध्यक्ष अजय जसोला, कार्यकारिणी सदस्य सुदेश शर्मा तथा अनिल तोमर उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *