मसूरी,। मसूरी की आर्थिक रूप से कमजोर सात मेधावी छात्राओं को उदयन शालिनी फेलोशिप दी गयी। जिससे वह उच्चशिक्षा, व्यक्तित्व विकास, और नेतृत्व क्षमता विकसित कर सशक्त बन सकेें। उद्यान शालिनी फेलोशिप संस्था के तत्वाधान में 19वें बैच का इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मसूरी की 7 छात्राओं सहित जिले की 30 छात्राओं को जो आर्थिक रूप से कमजोर है उनकी उच्च शिक्षा के लिए चयन कर नई शालिनियाँ बनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पर्यावरण, वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सहायक महानिरीक्षक नीलिमा शाह ने उदयन केयर के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की व कहा कि यह फेलोशिप छात्राओं को अपने जीवन में कुछ करने का हौंसला देगी। इस मौके पर उदयन केयर की संस्थापिका डा. किरन मोदी ने चयनित छात्राओं को बधाई दी व कहा कि कठिन प्ररिस्थितियों के बावजूद बेटियां की शिक्षा के प्रति अभिभावकों का समर्पण उन्हें जीवन में आगे बढने का अवसर प्रदान करता है। देहरादून जिले से चयनित 30 छात्राओं में सात छात्राएं मसूरी की है जो हर्ष का विषय है। इनमें दो बालिकाएँ सनातन धर्म इंटर कॉलेज, दो बालिकाएँ मसूरी गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा तीन बालिकाएँ निर्मला इंटर कॉलेज से चुनी गई हैं। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में सम्पन्न होती है, जिसमें लिखित परीक्षा, साक्षात्कार तथा गृह-भ्रमण होता है। कोर कमेटी की सदस्य व छावनी परिषद मसूरी की पूर्व सभासद कमल शर्मा ने बताया कि संस्था वर्तमान में भारत के 15 राज्यों में 38 चौप्टरों के माध्यम से कार्यरत है। इस वर्ष लगभग 1,200 नई बालिकाएँ संस्था से जुड़ी हैं तथा अब तक लगभग 10,000 बालिकाएँ इसका हिस्सा बन चुकी हैं। देहरादून चौप्टर में 945 बालिकाएँ हैं। देहरादून चौप्टर की स्थापना वर्ष 2008 में हुई थी। इस मौके पर कोर कमेटी के सदस्य विमल डबराल, डॉ. दलजीत कौर, कमल शर्मा, नीलू खन्ना, आसरा ट्रस्ट के सदस्य, मेंटर्स, एलुमनाई, छात्राएँ तथा अभिभावक मौजूद रहे।
