
जनवक्ता ब्यूरो धर्मशाला
टांडा अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले कैंसर रोगियों के लिए राहत की खबर है। अब यहां कैंसर मरीजों के लिए लीनियर एक्सीलेटर की अत्याधुनिक सुविधा शुरू होने जा रही है। यह सुविधा शुरू होने से कैंसर के रोगियों को उपचार के दौरान होने वाली सिकाई में काफी राहत मिलेगी । स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्री विपिन सिंह परमार ने सोमवार को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडीकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकर ने 24 करोड़ रुपए की लीनियर एक्सीलेटर मशीन अस्पताल को उपलब्ध करवाई है एवं इसे चलाने के लिए विशेषज्ञों के पद भरे जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री टांडा मंे कंगारू मातृ शिशु सुरक्षा इकाई (केएमसी यूनिट) तथा हिमपेडीकॉम के हिमाचल चैप्टर द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कंगारू नामक जीव हमें शिशु की देखभाल का नायाब नुस्खा सुझाता है। कंगारू देखभाल एक ऐसी तकनीक है जो खास करके नवजात (आमतौर पर ’प्री-टर्म’) शिशुओं की देखभाल के लिए उपयोग की जाती है। इस तकनीक में शिशु को, एक वयस्क (अधिकांशतः माता या पिता) के साथ त्वचा से त्वचा का संपर्क करा कर देखभाल की जाती है। वे शिशु जिनका वजन कम होता है या वे बच्चे जो किसी भी कारणवश अपनी मां से अलग हो जाते हैं, उनको कंगारू देखभाल दी जाती है।

40 करोड़ रुपय से बन रहा माता शिशु अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं व शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा प्रदान करने के उद्देश्य से टांडा में 40 करोड़ रुपय से माता शिशु अस्पताल बनाया जा रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। इसी प्रकार प्रदेशभर में विभिन्न जगहों पर भी माता शिशु अस्पताल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
108 के काफिले में शमिल होंगे नए वाहन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा के काफिले में 26 नई गाड़ियां शामिल की जाएंगी। इसके अलावा अन्य पुराने एंबुलेंस वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली कम्पनी को सेवा का सुचारू संचालन तय करने के निर्देश दिए हैं।
इसके उपरांत उन्होंने टांड़ा अस्पताल में ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। उन्होंने माता शिशु वार्ड की व्यवस्था का जायजा लिया । इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने नगरोटा बगवां में अस्पताल भवन के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण भी किया । उन्होंने नगरोटा बगवां 108 एंबुलेंस सेवा वाहन का निरीक्षण किया और वाहन में स्वास्थ्य संबंधी मशीनरी को दुरूस्त रखने को कहा।
कार्यशाला में नगरोटा बगवॉ के विधायक अरूण मेहरा ने अपने सम्बोधन में कहा कि मंख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मार्गदर्शन में नगरोटा बगवां क्षेत्र में स्वास्यि सेवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टांडा अस्पताल को उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य संस्थान बनाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।
इसे मौके हिमपेडीकॉम के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष डॉ मिलाप शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया और कार्यशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में डॉ राजेन्द्र प्रसाद मेडीकल कॉलेज टांडा के प्राचार्य डॉ भानु अवस्थी, एमएस डॉ गुरदर्शन, संयुक्त निदेशक सुनयना शर्मा, डॉ मीनू सिंह, डॉ अलका तथा डॉ सीमा शर्मा सहित बाल रोग चिकित्सकों सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे
