
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वी के चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय डिवर्मिग-डे पर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में 97524 बच्चों को पेट के कीडे मारने की एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई। बिलासपुर जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाडियों में यह दवा बच्चों को मुफ्त खिलाई गई। छुटे हुए बच्चों को माॅपअप राउंड में 15 नवंबर 2018 को दवा खिलाकर कवर किया जाएगा। इसके साथ-साथ 1 से 5 वर्ष तक के 21276 बच्चों को विटामीन ए की डोज भी दी गई जोे कि अन्धेपन से बचाव के लिए दी जाती है।
उन्होंने बताया कि 1 से 14 साल के बच्चों को पेट में कीडे होने के अधिक मामले देखे जाते हैं। बच्चों के पेट में कीडे होने की बजह से एनीमिया, पेट के इंफेक्शन और पोष्टिक आहार की कमी से होने वाले रोग सामने आए हैं। बच्चे अपने हाथों की सफाई सही तरह से नहीं रखते जिसके कारण पेट में यह कीडे पनपते हैं। प्रदेश के गांव और शहरों के स्कूली बच्चों में बराबर अनुपात में पेट के कीडे होने के मामले अधिक देखे गए हैं।
डा. वी के चौधरी ने बताया कि एल्बंेडाजोल टेबलेट एक सुरक्षित टेबलेट है। यदि किसी बच्चे के पेट में दर्द है, उल्टी दस्त व पेट सम्बधित अन्य बीमारी है तो इस दवाई से ठीक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे के पेट में कीडे होते हैं उसे ताकत व खून की कमी होनी शुरू हो जाती है। पेट के कीडे जहां बच्चो का खून चूसना शूरू कर देते है। वहीं, भोजन के आवश्यक तत्व भी निगल जाते है। बच्चे को थकावट होना शुरू हो जाती है। उन्होनंे बताया कि अविभावकों से आग्रह किया कि अपने बच्चों को संतुलित आहार देना सुनिश्चिित करे ताकि बच्चों का स्वस्थ ठीक रह सके।
