विभिन्न 57 पदों को भरने को भी दी मंजूरी
जनवक्ता ब्यूरो, शिमला
वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां राज्य वन विकास निगम के निदेशक मण्डल की 203वीं बैठक की अध्यक्षता की।
निदेशक मण्डल ने वन निगम में वन रक्षकों के 50 पद, बायलर आपरेटर के तीन पद, आरा मशीन आपरेटर के तीन पद तथा इलैक्ट्रिशियन का एक पद सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
बैठक में वन निगम में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक जनवरी, 2018 से प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की भांति महंगाई भत्ता प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अतिरिक्त चालकों के विशेष भत्ते तथा धुलाई भत्तेे में वृद्धि को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर बिजली परियोजनाओं के तहत काटे जाने वाले घने पेड़ों के कार्य में ओवर हेड चार्जिज को बढ़ाकर 25 तथा 40 प्रतिशत करने का भी निर्णय लिया गया।
गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि वन निगम को घाटे से उभारने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निगम ने कार्य करना आरम्भ भी कर दिया है तथा उसके परिणाम आने भी आरम्भ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वन निगम को वर्ष 2018 में 250 करोड़ रुपये की आमदनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं जो पिछले वर्ष की 203 करोड़ रुपये की आमदनी की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक होगी।
वन मंत्री ने अधिकारियों को निगम की आमदनी में वृद्धि करने के प्रभावी उपाय करने तथा इस पर गहन मंथन करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को अपने अनुभव का समुचित उपयोग कर निगम की आय में बेहतरी के लिए कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा किए जा रहे संसाधन बढ़ौतरी के कार्यों को भविष्य में भी जारी रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि निगम में कार्यरत हर वर्ग की समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे और निगम में एक बेहतर तालमेल व समन्वय की भावना के साथ कार्य करने की कार्यशैली को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर समाज के प्रत्येक वर्ग का कल्याण सुनिश्चित बनाने को लेकर गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और यह लोकतंत्र की विशेषता है कि आम आदमी मुख्यमंत्री या मंत्री को रोक कर कहीं पर भी अपनी समस्या बता सकता है। उन्होंने कहा कि वन निगम में जो भी तकनीकी सुधार की आवश्यकता है उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।इस अवसर पर उपाध्यक्ष वन निगम सूरत सिंह नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन राम सुभग सिंह, प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार, प्रबन्ध निदेशक बी. डी. सुयाल, निदेशक विनय कुमार, निदेशक एस.एस. कटैक, निदेशक नरेश कुमार तथा निदेशक राम कुमार के अलावा वन निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे।

