
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि धर्मशाला विधानसभा सत्र के दौरान बिलासपुर के हित के लिए तारांकित विधान सभा प्रश्न रखे। जिसमें उन्होंने ए0सी0सी कम्पनी की स्थापना के समय कितने परिवार विस्थापित हुए तथा कितने परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया और 15 नवम्बर, 2018 तक सेवा के दौरान कितने लोगों की मृत्यु हुई व कितने सेवानिवृत कर्मचारियों के परिवारों को तथा मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को ए0सी0सी प्रबन्धन द्वारा रोजगार प्रदान किया गया। तारांकित प्रश्न का जबाव देते हुए उद्योग, श्रम एवं रोजगार, तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि ए0सी0सी कम्पनी की स्थापना के समय 476 परिवार विस्थापित हुए है तथा 390 विस्थापित परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। 15 नवम्बर, 2018 तक सेवा के दौरान कुल 58 कर्मचारियों की मृत्यु हुई तथा मृतक कर्मचारियों के 14 आश्रितों को कंपनी द्वारा रोजगार उपलब्ध करवाया गया। 15 नवम्बर, 2018 तक सेवानिवृत हुए कर्मचारियों के 34 आश्रितों को कंपनी द्वारा प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार उपलब्ध करवाया गया।
विधायक सदर ने दूसरा तारांकित प्रश्न रखा की बिलासपुर में सरकार द्वारा जिन खड्डों की बोली औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत नीलामी की गई है, क्या उनसे राजस्व आना आरम्भ हो गया है तथा बोलीदाताओं ने कितनी खड्डों में कार्य करना आरम्भ कर दिया है तथा नीलाम की गई खड्डों हेतु कितले एम0 फार्म जारी किए गए है, यदि नही तो कारण और नीलाम की गई खड्डों से जो अवैध खनन व रेता बजरी तथा पत्थर की चोरी हो रही है उससे बोलीदाता हो घाटा हो रहा है, इसको रोकने हेतु सरकार द्वारा क्या पग उठा रही है।
तारांकित प्रश्न का जबाव देते हुए उद्योग, श्रम एवं रोजगार, तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि जिला बिलासपुर में सरकार द्वारा 4 (चार) खड्डों की नीलामी की गई है-(1) जरेरी-1, सीर खड्ड (2) जरेरी-2, सीर खड्ड (3) री, सीर खड्ड व 4) देहलवीं, सीर खड्ड। इन खड्डों की नीलामी के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसलिए अभी राजस्व आना आरम्भ नहीं हुआ है और न ही बोलीदाताओं द्वारा अभी कार्य शुरू किया गया है। अवैध खनन के कारण बोलीदाता को घाटा न हो इसके लिए अवैध खनन को रोकने हेतु उद्योग विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के 39 प्रकार के कर्मचारियों/अधिकारियों को जिनमें पुलिस विभाग, वन विभाग, सिचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग, लोक-निर्माण आदि शामिल है, को अवैध खनन की रोकथाम हेतु शक्तियां प्रदान की गई है जोकि समय-समय पर इन क्षेत्रों का निरीक्षण करतें है व अवैध खनन में संलिप्त दोषियों के खिलाफ नियामानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जाती है तथा अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्यवाही की समीक्षा उपायुक्त स्तर पर मासिक में की जाती है।
