
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि धर्मशाला विधानसभा सत्र के दौरान जनहित के लिए तारांकित विधान सभा प्रश्न रखे। जिसमें बिलासपुर में बिरोजा व तारपीन के कारखाने की स्थापना कब हुई व उस समय कितने कर्मचारी व श्रमिक कार्यरत थे, इन कर्मचारियों का जी0पी0एफ0/ई0पी0एफ0 काटा जाता था, यदि हां, तो कितना, यदि नहीं, तो कारण और सरकार क्या सेवानिवृत कर्मचारियों/श्रमिकों को पेंशन देने का विचार रखती है, यदि नहीं, तो कारण। तारांकित प्रश्न का जबाव देते हुए वन, परिवहन तथा युवा सेवाएं एंव खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर में बिरोजा व तारपीन कारखाना की स्थापना 06.06.1969 को हुई थी तथा उस समय कारखाना में 142 कर्मचारी व श्रमिक कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि बिरोजा व तारपीन कारखाना बिलासपुर में उस समय कार्यरत कर्मचारियों का ई0पी0एफ0 नियमानुसार मूल वेतन का 8.33 प्रतिशत काटा जाता था। उन्होंने कहा कि वन निगम के समस्त कर्मचारियों (बिरोजा एवं तारपीन कारखाने में कार्यरत श्रमिकों सहित) को कर्मचारी भविष्य निधि एक्ट के तहत कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन योजना, 1995 का लाभ दिया जा रहा है जिसके तहत माह सितम्बर 2014 से न्यूनतम पेंशन 1000 रूपए है तथा वर्तमान में अशंदान के आधार पर सेवानिवृत कर्मचारियों को लगभग 2500 रूपए से 3200 रूपए तक की पैंशन प्रतिमाह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (केन्द्रीय सरकार) द्वारा दी जा रही है।
