नये वाणिज्यिक भवनों के लिए न्यूनतम ऊर्जा मानकों को तय करना है लक्ष्य
जनवक्ता ब्यूरो बद्दी
औद्योगिक क्षेत्र बददी में ऊर्जा में कमी करके कम लागम पर ज्यादा उत्पादन करने पर मंथन किया गया। लग्रों इंडिया, इलेक्ट्रिकल एवं डिजिटल बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ने बददी में एडवांटेज टूर के साथ अपने कैंपेन ‘लग्रों पावर एनर्जी पॉजिटिवÓ की शुरुआत मलपुर आद्योगिक क्षेत्र से की । इस कैंपेन के हिस्से के तौर पर, लग्रों ऊर्जा प्रभावी समाधानों की समूची श्रृंखला का प्रदर्शन करेगा। इसमें एक्सएल, टीटीए पैनल्स, बस बार, एसीबी, एमसीसीबी, कैपेसिटर्स, एमसीबीए मॉड्युलर उपकरण, इंडस्ट्रियल सॉकेट्स, एवं ग्रीन ट्रांसफॉर्मर्स शामिल हैं उन्होने बताया कि परपरंागत ऊर्जा स्त्रोंतो के हटकर लग्रों के ऊर्जा दक्ष उत्पादों के साथ कुल चार वैन्सल तीन महीनों में 60 शहरों, 130 लोकेशंस और 20,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगी । अधिकाररियों ने बताया कि इनके उत्पादों का उपयोग औद्योगिक एवं आवासीय ग्राहकों द्वारा किया जाता है इसका आइडिया ऊर्जा बचाने से संबंधित है एनर्जी फुटप्रिंट घटाने और रहने की स्थिति एवं सुविधा में सुधार करने के लिए, ऐसे समाधानों का विकास करने की जरूरत है जोकि ऊर्जा दक्षता को ऑप्टिमाईज करते भवनों में ऊर्जा खपत में कटौती जलवायु परिवर्तन से लडने का एक प्रमुख घटक है । समीर सक्सेना, डायरेक्टर, मार्केटिंग ने कहा कि भारत सरकार द्वारा एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड नेशनल मिशन फॉर एन्हैंस्ड एनर्जी एफिशिएंसी को विकसित किया गया था। इसका उद्देश्य नये वाणिज्यिक भवनों के लिए न्यूनतम ऊर्जा मानकों को तय करना और सहयोगी रेगुलेटरी एवं पॉलिसी रिजीम निर्मित कर ऊर्जा दक्षता के लिए बाजार को सुदृढ बनाना है। उन्होने कहा उद्योगपतियों व व्यापारी यह सुनिश्चित करे कि ग्राहक पर्यावरण हितैषी उत्पादों का ज्यादा से ज्यादा का प्रयोग करके बिजली की बचत करें। ऐसे आयोजन उपभोगताओं के साथ संबंधों को मजबूत करेगी और नये युग के ऊर्जा दक्ष समाधानों की जरूरत एवं उपलब्धता पर उन्हें शिक्षित करेगी ।

