बुजुर्गों के लिए वार्ड एवं उच्च निर्भरता ईकाई, कार्डियक केयर यूनिट तथा शिशु स्वास्थ्य वार्ड का किया लोकापर्ण
क्षेत्रीय हस्पताल में बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाकर 300 व डाक्टरों की संख्या 35 करने का हो रहा प्रयास
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला के लोगों को ईलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच व ईलाज के लिए जिले के बाहर का रूख न करना पड़े उन्हें घरद्वार पर ही सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाए मिल सके। यह बात विधायक सुभाष ठाकुर ने क्षेत्रीय हस्पताल में बुजुर्गों के लिए वार्ड एवं उच्च निर्भरता ईकाइ, कार्डियक केयर यूनिट तथा शिशु स्वास्थ्य वार्ड के लोकापर्ण करने के उपरांत सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से जिला बिलासपुर को प्रदेश का स्वास्थ्य हब बनाने के लिए तीव्रता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला हस्पताल में 14 बिस्तरों वाले बुजुर्गों के लिए वार्ड एवं उच्च निर्भरता ईकाई के आरंभ होने से वरिष्ठ नागरिकों को ईलाज के दौरान हस्पताल में दाखिल होने पर सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त प्राथमिकता के आधार पर वार्ड में बिस्तर उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि दिल की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को तत्काल आपातकालीन सभी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस कार्डियक केयर यूनिट लोगों को तुरन्त सभी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि इस यूनिट में सभी आधुनिक तकनीकी उपकरण स्थापित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के उपचार के लिए हस्पताल में अलग से विशेष शिशु स्वास्थ्य वार्ड को व्यवस्थित किया गया है ताकि विभिन्न रोगों से ग्रस्त बच्चों को उपचार के लिए इस वार्ड में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि 1351 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे एम्स में आगामी डेढ़ वर्ष के भीतर ओपीडी की सुविधाएं आरंभ कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि लगभग 10 करोड़ की लागत से मातृ-शिशु केयर सैंटर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हस्पताल में बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाकर 300 बिस्तर करने तथा चिकित्सको की संख्या में बढ़ौतरी करके 35 चिकित्सकों व 45 नर्सों की तैनाती करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय हस्पताल के कायाकल्प हेतु मुरम्मत के लिए 2 करोड़ 10 लाख रूपए की धन राशि का प्राकलन तैयार करके स्वीकृति के लिए भेजा गया है जिसकी शीघ्र ही स्वीकृति मिलने के उपरांत अस्पताल का मुरम्मत का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला में बन रहे हाईड्रो इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण कार्य पूर्ण प्रगति पर है।
इस अवसर पर सीएमओ डा. वीके चौधरी, एमओएच डा. परविन्द्र सिंह, डा. सतीश, डा. ऋषि टंडन, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जय गोपाल शर्मा, अधीशाषी अभियंता वीएन पराशर के अतिरिक्त विभिन्न वार्डों के पार्षद, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीध्कर्मचारी, स्थानीय गणमान्य


