
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष रामसिंह ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि संसदीय चुनाव से पहले प्रदेश भर के कर्मचारियों और पेंशनरों की सभी मांगों, कठिनाइयों और समस्याओं को सुलझाने के संबन्धित विभागों और अधिकारियों को तुरंत आदेश दिये जाएँ ताकि इन वर्गों में सरकार के प्रति ब्याप्त रोष व आक्रोश को समाप्त किया जा सके | रामसिंह ने कहा कि बहुत आश्चर्य की बात है कि जिन कर्मचारी नेताओं द्वारा कुछ अधिकारियों और राज नेताओं द्वारा किए गए ब्यापक भ्रष्टाचार के मुद्दे सार्वजनिक किए गए और सरकार और उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायतें करके उचित कार्यवाही का आग्रह किया गया ,उन्हें या तो ऐसी शिकायतें करने के दंड स्वारूप नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया गया याफिर उनकी जुबान बंद करने के लिए उन्हें विभिन्न बहानों से तंग व प्रताड़ित करने के षड्यंत्रपूर्ण तरीके अपना कर उन्हें और उनके परिवारों को परेशान किया गया |
रामसिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग के एक प्रमुख कर्मचारी नेता ओमप्रकाश गोयल ने प्रमाणों सहित भ्रष्टाचार की लिखित शिकायतें करके दोषी अधिकारियों को कानून के अधीन दंडित करने का आग्रह किया तो उल्टे उसे ही नौकरी से बहार कर दिया गया और वे पिछले कितने ही वर्षों से न्याय पाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहें हैं जबकि मुख्यमंत्रियों के आश्वासनों और वादों के बाद भी उसे नौकरी पर बहाल नहीं किया गया है | ठीक इसी तरह उदद्यान विभाग से संबन्धित कर्मचारी नेता द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत करने के दंड स्वरूप नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था जिन्हें बहाल तो कर दिया किन्तु उसकी अकारण तीन वार्षिक वेतन वृद्धियाँ बंद कर दी गई और भारी आर्थिक हानि पहुंचाई गई जबकि परिवहन निगम के कर्मचारी नेता शंकर सिह को विभाग में फैले भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर नौकरी से निकाल दिया गया था जिन्हें भी कुछ मास बाद बहाल किया गया |
रामसिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और ऐसा लगता है कि कुछ मामले मुख्यमंत्री के ध्यान में लाये बिना ही कर्मचारी नेताओं को तंग व प्रताड़ित करने के लिए अकारण उठा कर सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं | उन्होने कहा कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिल कर इस सबंध में विस्तृत चर्चा करेंगे और ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग करेंगे ताकि गलत ,अनुचित और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग सके और जनता में सरकार के प्रति जा रहे गलत संदेश पर भी कड़ाई से रोक लग सके |
रामसिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित सातवें वेतन आयोग को हिमाचल में लागू किया जाये और 4-9-14 वर्ष का सेवा लाभ सभी कर्मचारियों को दिया जाये , लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान एक मुश्त करने के आदेश दिये जाएँ और औटसोर्स कर्मचारियो , मिड-डे-मील कर्मचारियों , कांटरेक्ट कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी घोषित करने और पेंशनरों को 65-70-75 वर्ष आयु पूरा करने पर 5-10-15 प्रतिशत की पेंशन बढ़ौतरी करने ,सभी राजनैतिक उत्पीड़नों को समाप्त करने, सभी खाली पड़े पदों को समाप्त करने की बजाए तुरंत नियमित तौर से भरने, पुरानी पेंशन ताकि संसदीय चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित हो सके |
