
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि सरस मेले जैसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक हैं। सरस मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को बिचौलियों के बगैर अपने उत्पादों को सीधे खरीददारों को बेचने का अवसर प्रदान करना है, जिससे उनके मुनाफे में इजाफा हो । वे वीरवार को मण्डी में 10 दिनों तक चले सरस मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान जिला मुख्यालय मण्डी में लगाए गए सरस मेले में हिमाचल समेत 15 राज्यों के 100 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया । इनमें प्रदेश के 36 व देश के विभिन्न भागों से आए 64 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए।
मेले में हुआ 92 लाख का कारोबार
मेले में उत्पादों की प्रर्दशनी एवं बिक्री के 100 स्टॉल लगाए गए थे। इनमें दालें, मसाले, हस्तशिल्प, हथकरघा से बना सामान, खाद्य उत्पाद, मिट्टी एवं धातु के उत्पाद, खिलौने, कपड़े, सजावटी सामान सहित अन्य विभिन्न उत्पाद एवं सामग्री रखी गई थी। मेले में लोगों ने करीब 92 लाख रूपये की खरीददारी करके इन स्वयं समूहों के सदस्यों की आर्थिकी में सहयोग किया।
बड़ियां-दालों-मसालों की रही खूब मांग
मेले में बड़ियां-दालों-मसालों की खूब मांग रही। इसके अलावा लोगों ने बेड शीट, आचार, चमड़े का समान एवं चप्पलों की खरीददारी में भी खासी दिलचस्पी दिखाई।
स्वयं सहायता समूहों को बांटे पुरस्कार

उपायुक्त ने मेले के दौरान मांग, बिक्री, प्रदर्शन, उत्पाद गुणवत्ता, परंपरागत महत्व एवं नवीनत सोच के मानकों पर श्रेष्ठ रहे स्वयं सहायता समूहों को पुरस्कार बांटे। पहले स्थान पर रहे महाराष्ट्र के जय-संतोषी मां स्वयं सहायता समूह और उत्तर प्रदेश के स्वंय सहायता समूह ‘जन्न्त’ को 5-5 हजार रूपये का नकद पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर रहे हमीरपुर के शिव सेवा तथा मण्डी के बल्ह क्षेत्र के नव ज्योती स्वंय सहायता समूहों को 3750-3750 रूपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त रहने वाले चम्बा के चामुण्डा और हरियाणा पानीपत के स्वयं सहायता समूह बाला जी को 2500-2500 रूपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की ।
उन्होंने सरस मेले की शानदार सफलता पर मंडीवासियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारी संख्या में उनके पहंुचने के कारण ही यह मेला सफल हो पाया है। मेले के दौरान स्टॉल लगाने वाले सभी व्यापारियों व स्वंय सहायता समूहों से आग्रह किया कि आगामी वर्ष भी वे सरस मेले में बेहतर उत्पादों के साथ अपने स्टॉल लगाकर मेले का आकर्षण बढ़ाने के साथ-साथ अच्छी आमदनी प्राप्त करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डीआरडीए आशुतोष गर्ग ने शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर उपायुक्त का स्वागत किया । मेले के समापान समारोह में परियोजना अधिकारी डीआरडीए संत राम, बीडीओ सदर, शैफाली शर्मा, बीडीओ बल्ह विजय कांत नेगी, बीडीओ बाली चौकी सिंकन्दर, बीडीओ गौहर निषांत, बीडीओ द्रंग विद्या ठाकुर, बीडीओ धर्मपुर त्रिलोक चन्द, बीडीओ गोपालपुर रमेष सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
