
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सदर बिलासपुर प्रियंका वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोक सभा के सामान्य निर्वाचन-2019 की घोषणा के उपरांत आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू हो चुके हैं। उन्होंने समस्त राजनैतिक दलों से आग्रह किया है कि वे उनके दलों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक सम्पति/स्थलों /मार्गों पर की गई लिखावट को मिटाना तथा होर्डिंग, कट-आउट, इश्तिहार, पोस्टर, बैनर, झंडों इत्यादि को तुरन्त हटाना सुनिश्चित करें व निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करें।
वाहन का प्रयोग बिना परमिट के प्रचार-प्रसार के लिए ना करें
वर्मा ने जिला के समस्त वाहन मालिकों (साईकल के अतिरिक्त) से कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च से लोक सभा निर्वाचन, 2019 की घोषणा कर दी गई है।उन्होंने बताया कि घोषणा के परिणाम स्वरूप राज्य में आदर्श आचार सहिंता के दौरान बिना परमिट के किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार-प्रसार करने के लिए वाहनों पर पोस्टर, लाउड स्पीकर तथा अन्य सामग्री का प्रयोग करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। उन्होनें बताया कि जिला में निर्वाचन के दौरान इस प्रयोजनार्थ पर नज़र रखने के लिए उडन दस्ते व स्थाई निगरानी टीमें बनाई गई है।
उन्होनंे आग्रह किया है कि उडन दस्तों व स्थाई निगरानी टीमों द्वारा वाहनों की जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी से प्राप्त परमिट के अपने वाहन का प्रयोग किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार-प्रसार करने के लिए ना करें।
उड़न दस्ते व निगरानी टीमों से बचने के लिए दस्तावेज साथ रखें
प्रियंका वर्मा ने निर्वाचन के दौरान सामान्य जनता से आग्रह किया है कि मतदाता की सन्तुष्टि के लिए नकदी, शराब, या अन्य वस्तुओं का वितरण रिश्वत है और यह एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन के दौरान नकदी, शराब, या अन्य वस्तुओं के वितरण पर नजर रखने के लिए उड़न दस्ते व स्थाई निगरानी टीमें बनाई गई हैं।
उन्होंने आम जनता से आग्रह किया है कि उड़न दस्तों व स्थाई निगरानी टीमों द्वारा जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो निर्वाचन के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में नकदी लेकर जा रहा है तो उस धन के स्रोत और उसके अन्तिम प्रयोग को दर्शाने वाले समुचित दस्तावेज अवश्य साथ रखें।
शिकायत कंट्रोल रूम में टोल फ्री नम्बर 1077 पर करें
वर्मा ने जनसाधारण से कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 171ख के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धनराशि या अन्य किसी भी प्रकार का पारितोषण प्राप्त करता है या पारितोषण देता है, जो किसी भी व्यक्ति के मतदान करने के अधिकार में प्रभाव डालता हो, तो एक साल के कारावास या जुर्माना या दोनों ही संजाएं हो सकती है। उन्होंने बताया कि रिश्वत लेने और देने वाले दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उड़न दस्ते गठित किए गए हैं।
उन्होंने समस्त नागरिकों से आग्रह किया है कि वे निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की रिश्वत लेने व देने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत देता है या रिश्वत दिए जाने के बारे में कोई जानकारी रखता है तो तुरन्त उसकी शिकायत जिला बिलासपुर में स्थापित जिला स्तरीय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ में स्थापित 24 ग7 कंट्रोल रूम में टोल फ्री नम्बर 1077 पर कर सकता है।
