मसूरी,। अंडर 18 बालक वर्ग 9वां डेविड इंग्लिश मेमोरियल हॉकी प्रतियोगिता 2026 महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कालेज की टीम ने वाइनबर्ग एलन को 2-0 से हराकर खिताब कब्जाया। वहीं बालिका वर्ग अंडर 17 में आर्मी पब्लिक स्कूल ने सेंट एग्नेस स्कूल को 3-2 से हराकर खिताब कब्जाया।
चार दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता के अंडर 18 बालक वर्ग सेमीफाइलन में वाइनबर्ग एलन स्कूल ने ओक ग्रोव स्कूल को 1-0 से, व महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून ने जीआईसी किशनपुर को 1-0 से हराकर फाइनल में स्थान बनाया था। प्रतियोगिता में बालक वर्ग में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार वाइनबर्ग एलन स्कूल के अरिहंत हीरा व सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार वाइनबर्ग एलन स्कूल के आदित्य कथाईट को मिला। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का पुरस्कार वाइनबर्ग के चिरायु सिंह और जीआईसी किशनपुर के मानव को दिया गया। वहीं अंडर 17 बालिका मेपल हॉकी प्रतियोगिता में पहला सेमीफाइनल मुकाबला देहरादून के सेंट एग्नेस स्कूल और मसूरी के वाइनबर्ग एलन स्कूल के बीच खेला गया। पहले सेमीफाइनल में, सेंट एग्नेस स्कूल ने वाइनबर्ग-एलन को 1-0 से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में आर्मी पब्लिक स्कूल ए और बी टीमों के बीच खेला गया जिसमें आर्मी पब्लिक स्कूल ए ने अपने ही विद्यालय की बी टीम को 6-0 से हराकर फाइनल में स्थान बनाया। फाइनल मुकाबला बडा रोचक रहा जिसमें तय समय में मैच बराबरी पर रहा व उसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में आर्मी पब्लिक स्कूल ने सेंट एग्नेस स्कूल को 3-2 से हराकर खिताब कब्जाया। बालिका वर्ग में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार देहरादून के आर्मी पब्लिक स्कूल की दिव्यांशी को मिला। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार सेंट एग्नेस पब्लिक स्कूल की पल्लवी रावत को दिया गया। मेधावी खिलाड़ी पुरस्कार सेंट एग्नेस की शवन्या और वाइनबर्ग एलन स्कूल की याशी वांगमो को मिला। विजेता व उपविजेता टीमों को प्रधानाचार्य वाइनबर्ग एलन स्कूल लेस्ली टिंडेल ने ट्राफी व पुरस्कार वितरित किए। इस मौके पर रैफरी बोडो मचाहारी, अमित कटारिया, पंकज रावत, मुन्नर राशिद, सौरभ पेटवाल, सुल्तान नौटियाल, चंपा धकपा, जगमोहन नेगी जगमोहन नेगी, जसवंत राठौर, नोरजोम भूटिया, रैना देवी, अजीत कुमार, पालपाशा और यश त्यागी आदि मौजूद रहे। प्रतियोगिता वाइन बर्ग-एलन स्कूल, मसूरी शिक्षक डेविड इंग्लिस की स्मृति में आयोजित किया जाता है जो स्कूल के पूर्व बहुमुखी प्रतिभा के धनी शिक्षक थे और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी समर्पित सेवाओं के लिए जाने जाते थे। इस प्रतियोगिता में मसूरी, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के आठ स्कूलों ने भाग लिया।
