
बिलासपुर 23 सितम्बर
कमजोर अर्थिक स्थिति के कारण कोई भी व्यक्ति अपना या परिवार के किसी व्यक्ति का ईलाज करवाने से वंचित न रह जाए और गरीब से गरीब व्यक्ति को भी देश के धनी व्यक्ति को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की प्राप्ति हो तथा घर-द्वार के समीप लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करवाई जाए इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार पूर्ण तनम्यता से प्रयासरत है। यह बात हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि गरीबों के हित में चलाई जाने वाली यह विश्व की पहली व एकमात्र ऐसी योजना है जिसका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेद-भाव के प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं से सम्बन्धित वित्त पोषित योजना है। इस योजना के अंतर्गत देश के 10 हजार परिवारों के 50 करोड़ से भी अधिक लोग लाभान्वित होगें।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक महत्वपूर्ण पग – सुभाष ठाकुर
इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक साथ 26 राज्यों और 6 केंन्द्र शासित प्रदेशों में शुरू की गई जिसके अंतर्गत 50 करोड़ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 हजार से ज्यादा चयनित सरकारी व निजी अस्पतालों में ईलाज की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण पग है जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस सेवा प्रदान की जाएगी तथा अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थी अपनी पुष्टि के लिए अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर दिखाकर सुविधा का लाभ उठा सकेगें।
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को आवश्यकता के समय नकदी रहित और पेपर लेस सुविधा मिलेगी। यह योजना निशुल्क और बाधा रहित योजना है जिसका उद्ेश्य अस्पताल में उपचार कराने के लाभार्थी के निजी खर्चे को लगभग न्यून्तम बनाना और योजना में शामिल परिवारों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित कर उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान और शल्य चिकित्सा के समय गुणवत्ता पूर्वक सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत सेवाओं में अस्पताल में उपचार करवाने के पहले और बाद के 1350 शल्य क्रियाएं, चिकित्सा निदान व औषधियों की उपलब्धताएं इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 22 लाख लोगों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा। इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के 175 अस्पताल पंजीकृत है, जिनमें 151 सरकारी और 24 निजी अस्पताल शामिल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के परिणाम स्वरूप भारतवर्ष के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता सुधरेगी, समय पर ईलाज होगा, रोगी को संतुष्टि मिलेगी और युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का किया जाएगा व्यापक प्रचार व प्रसार – विवेक भाटिया
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ गरीब और गांव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए व्यापक प्रचार व प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना के बारे जानकारी हासिल करके इसका लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि इस योजना की सफलता में अपना योगदान दें और अधिक से अधिक लोगों को इस योजना के संदर्भ में बताएं ताकि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में जीवन व्यतीत न करें। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विशाल देश की विराट योजना है जिसका ध्येय “स्वास्थ्य आपका साथ हमारा” है।
इस अवसर पर 5 लाभार्थियों निशा देवी, चेत्री देवी, सुख देव, गोरखीया राम व पूजा शर्मा को गोल्डन कार्ड भी मुख्यातिथि द्वारा प्रदान किए गए।
इस अवसर पर जिला सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र के माध्यम से पिटरहाफ शिमला से राज्य स्तरीय और झारखण्ड के रांची जिला से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ का लाईव प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने गोल्डन कार्ड लाभार्थियों व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा से वार्तालाप किया व जिला वासियों को इस योजना के शुभारंभ की बधाई दी।
इस अवसर पर विधायक घुमारवीं राजेन्द्र गर्ग, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार, उप मण्डलाधिकारी सदर प्रियंका वर्मा, सहायक आयुक्त उपायुक्त सिद्धार्थ आचार्य, अधिशाषी अभियंता आई.पी.एच अरविंद वर्मा, अधिशाषी अभियंता विद्युत मोहन सिंह गुलेरिया, उप निदेशक आर्युवेदिक डा. जय गोपाल शर्मा, डी.एफ.एस.सी प्रताप, एम.ओ.एच डा. परविन्द्र शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहे।
