
जीवन में बड़े मन से ही बड़ा कार्य हो सकता है: गृहमंत्री राजनाथ सिंह
– गृहमंत्री बोले- संस्था मानव ही नहीं जीव-जंतुओं की भी चिंता कर रही है, यहां से बड़ा मन करने की शिक्षा दी जा रही है
– विश्व के 140 देशों से पहुंचे मेहमान
– अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पूर्व पत्नी व टीवी एक्ट्रेस मारला मैपल ने शाकाहारी भोजन को बताया सबसे उत्तम, मेडिटेशन दिनचर्या में शामिल
– सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बोले- यहां की पवित्रता आध्यात्म से परिपूर्ण करने में करती है मदद
आबू रोड राजस्थान से खास रिपोर्ट
ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में शनिवार को वैश्विक शिखर सम्मेलन का आगाज हुआ। आध्यात्म, विज्ञान और पर्यावरण विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विश्व के 140 देशों से मेहमान भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने 15 मिनट के वक्तत्व में मन, आध्यात्म और विज्ञान और भारतीय संस्कृति पर बात की।
उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा काम करने के लिए बड़ा मन होना जरूरी है। छोटे मन का व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता है। जितना बड़ा आपका मन होगा उतना ही जीवन में आनंद की मात्रा बढ़ती चली जाएगी। गिरिजाघर में केवल जाकर प्रार्थना करने से व्यक्ति आध्यात्मिक नहीं होता है। जितना वह बड़ा करता चला जाता है उतना जीवन में आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छूता जाता है। मंदिर में पूजा अर्चना, मस्जिद में इबादत करने के साथ मन बड़ा करने की जरूरत है। जिसका मन जितना बड़ा होगा वह उतना ही आध्यात्मिक होगा। ब्रह्माकुमारीज संस्थान में बड़ा मन करने की शिक्षा दी जाती है। संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी और दादी रतनमोहिनी जी का कितना बड़ा दिल होगा जो इतने बड़े परिवार को संभाल कर रखा है। साथ ही इतनी बहनों को साथ लेकर विश्व के 146 देशों में खड़ा कर दिया।
जो काम सरकार नहीं कर सकती वो ब्रह्माकुमारीज कर रही
गृहमंत्री सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने छोटी-छोटी बातों पर चिंता जाहिर की है। स्वच्छता हो, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण इन सभी विषयों पर ये संस्था कार्य कर रही है। जो काम सरकार नहीं कर सकती वो ब्रह्माकुमारी संस्था कर रही है। संस्था केवल मानव ही नहीं मानवीयता,जीव-जंतुओं की भी चिंता कर रही है। 80वें वार्षिकोत्सव पर संस्था ने 80 लाख पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

विज्ञान और आध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं : गृहमंत्री
गृहमंत्री सिंह ने कहा कि हमारे देश के ऋषि-मुनियों ने ही शून्य का आविष्कार किया और आध्यात्म की खोज की। विज्ञान, आध्यात्म और धर्म ये एक-दूसरे के विपरीत हैं ये अवधारणा विदेशों की है। भारत की अवधारणा है विज्ञान और आध्यात्म दोनों एक-दूसरे के पूरक और एक हैं। चरक,आरोहक, सुषुप्त, आर्यभट्ट ऋषि जितने बड़े ऋषि थे उतने ही बड़े साइंटिस्ट भी थे।
यहां से दिया जा रहा विश्व शांति का संदेश : चीफ जस्टिस
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि विश्वव्यापी संगठन ब्रह्माकुमारीज द्वारा की जा रही हैं सेवाएं मानव को सही दिशा में ले जा रही हैं। संसार को जिस शांति की जरूरत है, उस वातावरण का निर्माण यहां हो रहा है। कम बोलो, धीरे बोलो, मीठा बोलो ये शब्द यहां मंत्र की तरह कार्य करते हैं। पवित्रता आत्मा की मूल संपदा है। यहां से मन, बुद्धि और कर्मों को शांति के पथ पर ले जाने के लिए आध्यात्मिकता की शिक्षा दी जा रही है। इस संस्था की पवित्रता हर मानव को आध्यात्म से परिपूर्ण करने में मदद करती है। इस संस्था की पर्यावरण संरक्षण से लेकर अन्या सामाजिक गतिविधियां काबिले तारीफ हैं। अर्जुन और श्रीकृष्ण का वास्तविक संवाद का रहस्य समझने की जरूरत है जो यहां पर स्पष्टीकरण हो रहा है। परमात्म शक्ति से स्वयं को चार्ज करने के लिए स्व के अंदर सोल पॉवर को जानना जरूरी है।
राजयोग मेडिटेशन मेरी दिनचर्या में शामिल : टीवी एक्ट्रेस मारला मैपल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पूर्व पत्नी टीवी एक्ट्रेस व सिंगर मारला मैपल ने कहा कि अमेरिका इन दिनों कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। लेकिन हमारे आसपास के बेहतरीन लोग और दोस्त जीवन को आनंद से भर देते हैं। मैंने कुंडलिनी योग, ब्रह्माकुमारीज के राजयोग मेडिटेशन और शाकाहारी भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया है। मैंने कई तरह का भोजन किया है, लेकिन शाकाहार सबसे उत्तम है। मांसाहार से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। हम सब मिलकर ही इस दुनिया को आगे ले जा सकते हैं। मुझे यहां घर जैसा अनुभव हो रहा है। ये सभी में समानता और एकता का भाव दिखा। जल्द रिलीज होने वाले अपने नए म्यूजिक एल्बम के बारे में बताया किउसमें एक गाना प्रेयर फॉर ह्यूमेनिटी का भी है।
प्रकृति से उतना ही लें जितनी जरूरत हो : पद्मश्री साराभाई
अहमदाबाद के सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट एजुकेशन के फाउंडर-डायरेक्टर व साइंटिस्ट पद्मश्री डॉ. कार्तिकेय साराभाई ने कहा कि हमें पर्यावरण की रक्षा करने के लिए अपनी पुरानी परंपरा और नई तकनीक को साथ लेकर चलना होगा। मनुष्य समझता है कि पूरी प्रकृति केवल उसके इस्तेमाल के लिए है, ये सोच ठीक नहीं है। महात्मा गांधी ने कहा था हमें ट्रस्टी होकर वस्तुओं का इस्तेमाल करना होगा। ब्रह्मा बाबा ने वर्षों पहले अपनी दिव्य दृष्टि से एटॉमिक, प्राकृतिक जैसे तीन तरह के विनाश देख लिए थे, वही आज हम सामने देख रहे हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए हमें प्रकृति से उतना ही लेना होगा, जितनी जरूरत है। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी परंपरा और तकनीक को साथ लेकर चलने के कारण चैंपियन ऑफ द वल्र्ड का सम्मान मिल रहा है।

हम सब एक परमात्मा की संतान हैं : दादी रतनमोहिनी
संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि हम सब एक परमात्मा की संतान आपस में भाई-भाई हैं। इसलिए एक-दूसरे का सहयोग करें, प्रेम से रहें और एक-दूसरे को खुशी दें। आपस में कभी भी बैर भाव, द्वेष, ईष्र्या न रखें। भारत में एक समय स्वर्णिम दुनिया थी। जहां सुख-शांति और आनंद था। अधर्म का नामो-निशा नहीं था। अब हम अपने कर्मों को दिव्य बनाकर फिर से स्वर्णिम दुनिया बना सकते हैं। कार्यक्रम संयोजक व ब्रह्माकुमारी•ा के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने कहा कि संस्थान द्वारा 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भारतभर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई पत्र….
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामना संदेश भेजा है। खुशी जाहिर करते हुए इसे बहुत ही उपयोगी और सार्थक बताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बधाई पत्र भेज कर हर्ष जताया है। पत्र में लिखा है विश्व सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संस्थान को डायनेमिक वल्र्ड लीडर अवॉर्ड लेने की मुबारक देता हूं। विज्ञान एवं आध्यात्म के सामंजस्य से ही मानवता का स्थिर भविष्य संभव है। इस तालमेल में पर्यावरण भी अति महत्वपूर्ण है। ब्रह्माकुमारीज विश्वभर की आत्माओं का आध्यात्मिक रूप से आंतरिक बदलाव का कार्य कर रही है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस मंच से विश्व शांति का संदेश जाएगा।
इन शख्सियतों ने भी रखे अपने विचार…
– केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संस्था द्वारा सद्मार्ग पर चलने,विश्व शांति की कल्पना को साकार करने, वसुधैव कुटुम्बकम्, जियो और जीने दो का सद्मार्ग स्थापित करने का कार्य कर रही है। आज दुनिया में अशांति और समस्याओं का कारण आध्यात्म से दूरी बढऩा है। बिना आध्यात्म को अंगीकार किए विश्व शांति, सर्वे संतु निरामया की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती है।
– बैंगलुरु से पधारीं अनाथों बच्चों की मां (मदर ऑफ ऑर्फंस) के नाम से मशहूर 1050 बच्चों को संभाल रहीं डॉ. सिंधुताई सपकाल ने कहा कि जीवन में सदा चलना सीखो, रुकना नहीं। मन की आवाज सुनें, कफन की जेब नहीं होती है, मरने की कभी सिफारिश नहीं होती। त्याग करना सीखो।
– संस्थान की जनरल मैनेजर बीके मुन्नी बहन ने कहा कि मैंने जीवन में सीखा है कि सदा सभी छोटे-बड़ों को रिगार्ड दें। खुद को निमित्त समझें। सभी के प्रति कल्याण का भाव हो। अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन से जीवन जीने की कला आती है। इसके अनुभवी लाखों भाई-बहनें हैं। मंच संचालन गुरुग्राम ओआरसी की निदेशिका बीके आशा बहन ने किया।

सम्मेलन की झलकियां…
– विश्व के 140 देशों से पहुंचे विदेशी मेहमान।
– विश्वभर से पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे।
– गृहमंत्री की सुरक्षा-व्यवस्था में शांतिवन में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे जवान।
– प्रसिद्ध अभिनेत्री ग्रेसी सिंह ने टीम के साथ दी जोरदार प्रस्तुति, तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजा डॉयमंड हॉल।
– सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने रिबन काटकर किया पेंटिंग एक्जीबिशन का उद्घाटन, पेंटिंग की सराहना की।
– देशभर से पहुंचे 500 से अधिक जाने-माने कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग की लगाई गई एक्जीबिशन।
– ब्रह्माकुमारीज के इतिहास और 82 वर्षों में समाज उत्थान के लिए की गई सामाजिक सेवाओं को एक्सपो में विज्ञान और आध्यात्म को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया गया है।
– सभी अतिथियों का स्वागत विशेष रूप से तैयार की गई माल-मुकुट पहनाकर किया गया।

गृहमंत्री के संबोधन के खास पहलू….
– ब्रह्माकुमारी संस्थान एक नहीं वरन सभी पार्टियों के नेताओं को यहां बुलाकर ये आध्यात्मिक ज्ञान दे।
– मन की परिधी को बढ़ाते जाएं सुख-शांति भी बढ़ती जाएगी।
– ये संस्था लोगों में देवत्व का भाव लाने का कार्य कर रही है।
– सभी आध्यात्मिक ग्रंथ वेदों से ही निकले हैं। हमारे यहां गणित, विज्ञान और चिकित्सा सभी वेदों से मिले हैं। ये सिर्फ भारत में ही मिल सकती है।
– मैं पिछले 8 साल से यहां आने की सोच रहा था लेकिन आ नहीं पा रहा था। यहां वही व्यक्ति आ सकता है जिसे आध्यात्मिक शक्ति बुलाती हैं।
– यहां आकर ईश्वरीय बाइवे्रशन की अनुभूति हुई।
– विज्ञान ने भी साबित किया है कि पूरा ब्रह्मांड एक अणु से बना है। स्पेस साइंस ये साबित कर चुका है कि भगवान शिव निरंत सृष्टि के सृजन और विध्वंस का कार्य करते रहते हैं।
– मनुष्य कभी प्रशंसा से बड़ा नहीं हो सकता, वह सिर्फ जीवन में अपनी कृतियों के माध्यम से ही विभूषित हो सकता है।
ये रहे उपस्थित….
गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद देवजी पटेल, विधायक जगसीराम कोली, जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया, कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी जय यादव, आबू रोड नपा अध्यक्ष सुरेश सिंदल, यूटीआई चेयरमैन सुरेश कोठारी, भाजपा जिला अध्यक्ष लुंबाराम चौधरी, उपखंड अधिकारी निशांत जैन, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मनुवर खान सहित देश-विदेश से आए 6 हजार से अधिक नागरिकगण उपस्थित रहे।
