पुरानी पेंशन स्कीम को पुनः बहाली का चलाया जा रहा है अभियान
जनवक्ता ब्यूरो धर्मशाला
एनपीएस कर्मचारी एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राज्य सलाहकार राजिन्द्र स्वदेशी ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत पूरे हिंदुस्तान के सारे ब्लॉक अधिकारियों, जिला अधिकारियों, विधायकों, सांसदों, मुख्य मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, उप राष्ट्रपति, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सभी राजनीतिक दलों को न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में और पुरानी पेंशन स्कीम पुनः बहाली की मांग समय – समय पर करते आ रहे हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला तपोवन में चला हुआ है I इसी दौरान न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने विधानसभा के बाहर न्यू पेंशन स्कीम का विरोध दर्ज करवाया और पुरानी पेंशन स्कीम को पुनः बहाली मांग हिमाचल प्रदेश सरकार से की। इसके संदर्भ में हिमाचल सरकार ने बताया कि हमारा प्रदेश केन्द्रीय सरकार के द्वारा चलाई गई न्यू पेंशन स्कीम को ही अपने राज्य के कर्मचारियों को देता आ रहा है और देता रहेगा। जो कर्मचारी और अधिकारी 15 मई 2003 के बाद हिमाचल सरकार के बाद भर्ती हुए हैं। लेकिन चुनावों से पहले आपके घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली सम्बंधित किसी कमेटी की बात कही गई थी। उसे आपकी सरकार कब तक बनाएगी। इसके उत्तर में हिमाचल सरकार ने जबाब दिया है। कि एक माह में पुरानी पेंशन की बहाली को कमेटी बनेगी। यह कमेटी दो माह में फैसला लेगी। इस कमेटी में एनपीएस महासंघ के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
राजिन्द्र स्वदेशी ने कहा कि हिमाचल सरकार बार-बार कहती आ रही है कि हम केन्द्रीय सरकार के अनुरूप अपने कर्मचारियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाते हैं। लेकिन हिमाचल सरकार 2009 की केंद्रीय अधिसूचना को अपने राज्य कर्मचारियों के ऊपर लागू क्यों नहीं कर रही है। जोकि हिन्दुस्तान के कई राज्यों में लागू हो चुकी है। केन्द्रीय सरकार की 2009 की अधिसूचना के संदर्भ में तथ्य है कि यदि कोई न्यू पेंशन स्कीम धारक कर्मचारी सेवा के दौरान अपंग होता है या मृत्यु हो जाती है। तो उसके परिवार को पुरानी पेंशन की सभी सुविधाएं प्राप्त होगी। केंद्र सरकार की अधिसूचना 2009 के अंतर्गत।
राजिन्द्र स्वदेशी ने कहा कि ध्यान देने वाली बात यह है कि हिमाचल सरकार लगातार कहती आ रही है कि हम अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को प्रदान करते हैं। लेकिन 2009 की केंद्रीय अधिसूचना क्यों अपने असंख्य पीड़ित कर्मचारियों पर लागू नहीं किया। क्या हिमाचल सरकार को इन कर्मचारियों की दयनीय स्थिति मालूम नहीं। इन कर्मचारियों के परिवारों में दो वक्त की रोजी-रोटी के लाले पडे हैं। हम हिमाचल सरकार से अनुरोध करते हैं कि आप पुरानी पेंशन की बहाली की कमेटी से पहले इन पीड़ित परिवारों की दयनीय परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए। 2009 की केंद्रीय अधिसूचना को लागू करिये। ताकि वे अपने अनमोल जीवन को बचा सकें। उसके बाद सरकार पुरानी पेंशन की बहाली के लिये कमेटी बनाए।

