प्लाटों का आबंटन महंगे रेटों पर होने के कारण अधिकांश ब्यापारी दुकाने तक नहीं लगा पाये
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
जिला बिलासपुर कांग्रेस प्रवक्ता संतोष वर्मा ने प्रैस को जारी बयान में कहा है कि जिला प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण बिलासपुर का ऐतिहासिक नलवाड़ी मेला अब सबसे निम्न स्तर पर पहुँच गया है। आज मेले के चौथे दिन 20 मार्च को भी लुहणू मेला मैदानअव्यवस्था का शिकार होकर रह गया और मेले में हर वर्ष की भांति लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करवाने में प्रशासन असफल रहा है | उन्होने कहा कि पिछले बीते वर्षों में आज चौथे दिन मेला पूरे यौवन पर होता था , लेकिन इस बार मेला पूरी तरह से फ्लाप होकर रह गया | उन्होने कहा कि झूले और डोम तक इस बार मेले में हर वर्ष की भांति देखने को नहीं मिल रहे हैं | झूले मेले कि रौनक को चार चाँद लगाते रहे हैं जो इस बार इक्का – दुक्का ही देखने को मिल रहे हैं जबकि कुच्छेक दुकानें ही लग पाई हैं | संतोष वर्मा ने कहा कि आचार संहिता के कारण इस बार का नलवाड़ी मेला पर पूरी तरह से प्रशासन के आधिपत्य में है और व्यापारियों को अत्याधिक रेटों पर प्लाट अलाट किए जाने के कारण उन्हें उचित लाभांश न प्राप्त हो सक्ने की स्थिति में अधिकांश ब्यापारी अपनी दुकाने तक नहीं लगा पाये हैं | अधिकांश व्यापारी प्लाटों का अधिक मूल्य ना चुका पाने के कारण बाहरी जिलोंअथवा राज्यों में लगने वाले मेलों की ओर समय रहते निकल गए हैं । उन्होंने कहा कि जब व्यापारी को प्लाट ही मंहगा मिलेगा तो वे अपनी कमाई के लिए अपना सामान भी मंहगा बेचेंगे, जिससे स्थानीय निवासियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। मेले में स्थानीय लोगों की ही दुकानें लग पाई हैं जबकि बाहरी राज्यों से हर साल आने वाले व्यापारियों की संख्या बहुत ही कम है । संतोष वर्मा ने कहा कि अपनी सुविधानुसार यहां पर होने वाली खेलों में हाकी प्रतिस्पर्धा को हटा दिया गया है । हाकी के मैदान में रात्रीके सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है , जिससे मैदान के भी खराब होने के पूरे आसार हैं । संतोष वर्मा ने कहा कि उत्तरी भारत का पशु मंडी के नाम से जाना जाने वाला सबसे बड़ा यहनलवाड़ी मेला अब मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए ,पहले दिन खूंटा गाड़ कर बैल पूजन तक सीमित होकर रह गया है | संतोष वर्मा ने कहा कि बिलासपुर के एक व्यापारी जमील खान ने मेले में झूले लगाने के लिए आवेदन किया था लेकिन जब इसकी राशि भरने का समय आया तो किसी अन्य को झूलों के लिए जमीन अलॉट कर दी गई । उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच करवाने की मांग करेगी |

