
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
मानव जीवन में कला का अत्यन्त महत्व है। कला के बिना मनुष्य न केवल अधुरा है अपितु जीवन के आनन्द भाव को प्राप्त करने में भी वह वंचित रह जाता है। उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने यह उद्गार भाषा एंव संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में कुमारी जयकोहिनि की भरत नाट्यम की प्रस्तुति के पश्चात् प्रकट करते हुए कहा कि ललित कलाओं के माध्यम से मन के भावों को प्रभावी ढंग से प्रकट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भरत नाट्यम व अन्य नृत्यों की विशेषता है कि कलाकार अपनी भाव-भंगिमाओं और लय-ताल सुर के सानिध्य में न केवल उत्कृष्ठ ढंग से अपना कलात्मक स्वरूप ही प्रदर्शित करते है अपितु सदियों से चली आ रही प्राचीन परम्पराओं को पुनर्जिवित करके उसका संवर्धन और प्रचार-प्रसार भी करते है। उन्होनें युवा पीढी से आहवान किया कि वे कलाकारों के सानिध्य में रहकर न केवल अपने ज्ञान में बढोतरी करें अपितु अपने उच्च आदर्शो व लक्ष्य का भी निर्धारण करें।
इस अवसर पर कुमारी जयकोहिनि ने विभिन्न शिक्षा संस्थानों से आए विद्यार्थियों को भरत नाट्यम के सन्दर्भ में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होने भरत नाटयम में प्रयुक्त किए जाने वाले गायन, ताल व वाद्य यंत्रों के अतिरिक्त नृत्यविधा के विभिन्न पहलुओ को गहनता से विद्यार्थियों को बताया। उन्होने कहा कि कठिन अभ्यास और कला के समर्पित भाव से अपना निर्धारित लक्ष्य सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी राजीव कुमार, बीडीओ. सदर गौरव धीमान, जिला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल के अतिरिक्त विभिन्न स्कूलों के अध्यापक व बच्चे उपस्थित रहे।
