रुद्रप्रयाग,। जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष अब खतरनाक और जानलेवा मोड़ पर पहुंच चुका है। जखोली ब्लॉक के कुनियाली, पांजना गांव में गुरूवार रात एक साथ तीन गुलदारों की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। ग्रामीणों के अनुसार गुलदारों ने एक निराश्रित बैल का शिकार किया और सड़क किनारे उसे खाते हुए देखे गए।
रात के समय गुजर रहे वाहनों में बैठे लोगों ने इस खौफनाक मंजर के वीडियो और तस्वीरें कैद की, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। घटना के बाद कुनियाली, पांजना समेत आसपास के कई गांवों में लोग रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
जखोली ब्लॉक इन दिनों किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं दिख रहा, जहां ग्रामीण और गुलदारों के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। कुनियाली, पांजना में एक साथ तीन गुलदारों का दिखना सिर्फ ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी खतरे की घंटी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि एक नर गुलदार को औसतन 20 से 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की आवश्यकता होती है। लेकिन जखोली की दक्षिणी रेंज में हालात इसके ठीक उलट हैं। खरियाल, देवल, मयाली, लम्बवाड़ और कुनियाली जैसे गांव महज 1-2 किलोमीटर की दूरी पर बसे हैं, जबकि इसी क्षेत्र में गुलदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
वर्ष 2024-25 के दौरान इसी क्षेत्र में मानव पर हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जब किसी क्षेत्र में गुलदारों की संख्या उसकी प्राकृतिक इकोलॉजिकल कैरिंग कैपेसिटी से अधिक हो जाती है, तो गुलदारों के बीच आपसी संघर्ष बढ़ता है और कमजोर या युवा गुलदार आबादी वाले इलाकों की ओर रुख करने लगते हैं। कुनियाली में तीन गुलदारों का एक साथ दिखना इस बात का सीधा संकेत है कि जंगलों में उनके लिए जगह कम पड़ रही है और अब गांव उनकी शिकार स्थली बनते जा रहे हैं।
कुनियाली गांव से महज दो किलोमीटर दूर डांडा गांव में बीते वर्ष 30 मई को गुलदार ने रूपा देवी को मौत के घाट उतार दिया था। यह घटना आज भी ग्रामीणों के ज़ेहन में ताज़ा है। ऐसे में कुनियाली में तीन गुलदारों की मौजूदगी ने लोगों के भीतर पुराने जख्म फिर हरे कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा। न तो गुलदारों की सही गणना हो रही है और न ही प्रभावित क्षेत्रों में ठोस सुरक्षा व्यवस्था। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या जखोली ब्लॉक अगला “हाई रिस्क ज़ोन” घोषित होगा? प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने कहा कि जखोली क्षेत्र में दो से तीन गुलदार एक जगह पर देखे जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। घटना के बाद से लगातार क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई हैं और गुलदार को पकड़ने को लेकर टीमें जुटी हुई हैं।
