रुद्रप्रयाग,। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, निर्बाध और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग युद्धस्तर पर जुट गया है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में एनएच 107 और एनएच सात पर भूस्खलन और सिंकिंग जोन और अस्थिर ढलानों से प्रभावित स्थलों का वैज्ञानिक उपचार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 पर मेदनपुर एवं कुण्ड बैराज में लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वहीं बांसवाड़ा के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुधारात्मक कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। कुण्ड-गुप्तकाशी मार्ग पर विगत वर्ष की भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त लगभग 500 मीटर सड़क को ठेकेदार ने अपने व्यय पर पुनः एंकरिंग एवं आरसीसी पेवमेंट के माध्यम से दुरुस्त कर दिया है।
विद्याधाम एवं देवीधार सिंकिंग जोन में कार्य यात्रा से पूर्व पूर्ण किए जाने हैं। खाट, कालाढूंगी-1 एवं कालाढूंगी-2 में पेवमेंट सहित सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। रामपुर स्थल पर करीब 40 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे यात्रा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। मुनकुटिया में भूस्खलन उपचार कार्य भी निरंतर प्रगति पर है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 के कोरखी 1 एवं खुमेरा स्थलों पर उपचार कार्य जारी है जिन्हें आगामी यात्रा से पूर्व ही पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। एनएच 107 के कुण्ड-चमोली मार्ग पर चुन्नी 2 एवं मस्तुरा 2 में भी सुधारात्मक कार्य तेजी से चल रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 पर ताला के समीप बीते वर्ष हुई सिंकिंग का उपचार गैबियन एवं अन्य संरचनाओं से करते हुए डीबीएम बीसी के माध्यम से मार्ग को पूरी तरह यातायात योग्य बना दिया गया है। वहीं, जवाड़ी बाईपास में 5-6 स्थलों पर भारी सिंकिंग के उपचार के लिए संपूर्ण लंबाई में गैबियन वॉल का निर्माण कर जीएसबी के माध्यम से यातायात संचालित किया जा रहा है, जिस पर यात्रा से पूर्व 2 सेमी पीसी कर मार्ग को और अधिक राइडेबल बनाया जाएगा। सेतु के दोनों ओर अप्रोच वॉल भी पूर्ण कर ली गई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 पर 9 अन्य लोकेशनों तथा एनएच 7 के सिरोबगड़ में एक लोकेशन पर निविदा प्रक्रिया जारी है, जिन पर कार्य यात्रा उपरांत कराए जाने की योजना है।
एनएच के अधिशासी अभियंता ओमकार पांड्य ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर नालियों के निर्माण एवं उनकी नियमित सफाई का कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है। साथ ही सोल्डर फिलिंग का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे फरवरी माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन स्थलों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, वहां पैच मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है, जिसे 20 फरवरी से प्रारंभ कर 20 मार्च तक पूर्ण किया जाएगा।
केदारनाथ यात्राः हाईवे पर ’युद्धस्तर’ पर कार्य जारी
