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आयुष्मान घोटाले का पर्दाफाश, दो के खिलाफ मामला दर्ज

ByJanwaqta Live

Jun 1, 2026

देहरादून,। दून अस्पताल में आयुष्मान घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।  आरोप है कि एक व्यक्ति के आयुष्मान कार्ड और आधार पहचान का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति का इलाज कराया गया। मामले की जांच के बाद अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर कोतवाली देहरादून में दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एनसी बिष्ट ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि 30 मई को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज कराने में गड़बड़ी की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि गोविंदगढ़ निवासी अंजित सिंह के आयुष्मान कार्ड पर किसी अन्य व्यक्ति का इलाज कराया गया।
आरोप है कि अंजित सिंह ने 26 मई को कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती होने के लिए आयुष्मान योजना के तहत प्री-ऑथराइजेशन कराया था।29 मई को डिस्चार्ज प्रक्रिया के दौरान उसकी फोटो भी ली गई थी, लेकिन बाद में अस्पताल कर्मियों को संदेह हुआ कि जिस मरीज का इलाज चल रहा है, वह वास्तविक कार्ड धारक नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की।फुटेज के अवलोकन में पता चला कि अंजित सिंह के आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर मेरठ के रहने वाले विक्की नाम के व्यक्ति का इलाज कराया गया था।इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर उसने दूसरे व्यक्ति का इलाज कराने की बात स्वीकार कर ली।
साथ ही अस्पताल प्रशासन के अनुसार पूछताछ के दौरान विक्की की स्वास्थ्य जांच भी कराई गई और उसे इलाज के लिए भर्ती किया गया।वहीं एफआईआर दर्ज होने की आशंका के बीच अंजित सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भेजा गया। नगर कोतवाली प्रभारी हरिओम चैहान ने बताया कि इस मामले में अंजित सिंह निवासी गोविंदगढ़ देहरादून और विक्की निवासी हस्तिनापुर मेरठ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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