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मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव पर भड़के फोरलेन विस्थापित व प्रभावित

Byjanadmin

Nov 1, 2018

मुख्यमंत्री से मांग कि फोरलेन समस्या निवारण के लिए निपुण अधिकारी को नियुक्त किया जाए

जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव आई.पी.एस. अधिकारी संजय कुंडू के कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों के प्रति दर्शाए गए रुख को विस्थापितों व प्रभावितों ने जन विरोधी बताते हुए अपना रोष प्रकट किया है। अतिरिक्त प्रधान सचिव पर भड़के फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों ने यहाँ बिलासपुर में पत्रकार वार्ता करते हुए प्रदेश मुख्यमंत्री से मांग की है कि फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों की समस्याओं के निवारण के लिए संजय कुंडू के स्थान पर किसी जानकार वरिष्ठ और ऐसे कार्य में निपुण अधिकारी को ही नियुक्त किया जाए ताकि पिछले 5 वर्षों से इस निर्माण कार्य के पूर्ण न होने हो पाने के कारण बुरी तरह से परेशान हो चुके विस्थापित एवं प्रभावितों के हजारों लोग राहत की सांस ले सकें। प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के प्रधान रामसिंह ने आरोप लगाया कि गत दिवस मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू द्वारा बिलासपुर में की गई फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावितों की बैठक में प्रधान सचिव ने धौंस पूर्ण व तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया व प्रजातंत्रीय भावना को ठेस पहुंचाते हुए समिति के पदाधिकारियों की कोई भी बात नहीं सुनी। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि विस्थापितों की कठिनाइयों व समस्याओं को सुनना ही नहीं था तो बैठक बुलाई ही क्यों गई थी ? उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य के दौरान निकाले गए मलबे को लोगों के खेतों, जमीनों व गोबिंद सागर झील में गलत तरीके से डंप किया गया ,लेकिन इस शिकायत को भी प्रधान सचिव ने बैठक नजरंदाज कर दिया। प्रधान सचिव ने यह कहकर विस्थापितों के हितों पर कुठाराघात किया कि विस्थापितों व प्रभावितों को फैक्टर-2 के तहत 4 गुणा मुआवजा इसलिए नहीं दिया जा सकता क्यूं की प्रदेश की सड़कें बनना बंद हो जायेगी । जबकि यह प्रभावितों व विस्थापितों का हक बनता है तथा केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी 4 गुणा मुआवजा देने की बात कही थी और उस समय कहा था कि यदि प्रदेश सरकार केस बनाकर केंद्र सरकार को भेजे तो केन्द्रीय सरकार इसके लिए धन उपलब्धी करवाएगी । उन्होंने कहा कि फोरलेन के दोनों ओर बसी आबादी को जैबरा क्रासिंग नहीं अपितु यातो भूमिगत या फिर छोटे पुल बनाकर सुरक्षित क्रासिंग चाहिए। फोरलेन विस्थापितों के कई जगह मकान गिराए गए और उन्हें उनका मुवावजा तक नहीं दिया । मल्यावर पंचायत में बन रही टिहरा सुरंग के ऊपर स्थित 10-12 मकानों में दरारें आ गई हैं। उन्हें भी मुआवजा देने से मना कर दिया गया। आधी-अधूरी बनी कच्ची सड़क की धूल-मिट्टी से ग्रामीणों की फसलें, घास सब बर्बाद हो रहा है। ये मिट्टी व कीटाणु खाने-पीने की वस्तुओं के माध्यम से स्थानीय लोगों के पेट में पहुंच कर कई बीमारियों को जन्म दे रहे हैं | लेकिन प्रधान सचिव केवल मात्र अपनी धौंस जताकर चले गए। उन्होंने कहा कि यदि फोरलेन विस्थापितों के हितों की रक्षा करने में कोई ढील या कोताही बरती गई तो आंदोलन होगा। इस पत्रकार वार्ता में समिति के प्रचार सचिव रणवीर ठाकुर, विस्थापितों व प्रभावितों में शामिल कृष्णु राम, जयपाल शर्मा, हैप्पी चंदेल, भाग सिंह व राजेश कुमार भी उनके साथ रहे।

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