
28 जुलाई को निकाली गई अधिसूचना का भाखड़ा विस्थापितों को कोई लाभ नहीं हुआ
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
सर्वदलीय भाखड़ा विस्थापित समिति ने एक स्वर मे कहा है कि यदि भाजपा की जयराम सरकार ने अगले दो सप्ताह के भीतर हिमाचल हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार भाखड़ा विस्थापितों द्वारा विवशतावश किए गए सरकारी भूमि के अतिक्रमणों के संदर्भ में “ भाखड़ा विस्थापित पुनर्वास नीति के मामले में उन्हें राहत पहुंचाने के लिए नई अधिसूचना जारी नहीं की गई तो यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो जाएगा कि सरकार भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं और कठिनाइयों को सुलझाने में कोई रूचि नहीं दिखा रही है और मुख्यमंत्री इस विषय पर अब तक जो भी आश्वाशन देते आ रहे हैं , हिमाचल सरकार बिलकुल उनके विपरीत कार्य करने को अडिग है । परिधि गृह में आयोजित समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के महामंत्री जयकुमार ने कहा कि आश्चर्य है कि बिलासपुर जिले के एक कांग्रेसी विधायक सहित भारतीय जनता पार्टी के तीनों भाजपा विधायकों द्वारा इस मामले में मुख्यमंत्री से आग्रह करने के बावजूद और भाजपा के सदर क्षेत्र से विधायक सुभाष ठाकुर के नेत्रत्व में तीन बार विस्थापितों के शिष्ट मंडलों से लंबी वार्ताएं करने के बाद और फिर स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा उनकी मांगों को न्यायोचित माने जाने के बावजूद भी 28 जुलाई को तथाकथित भाखड़ा विस्थापितों के नाम से निकाली गई अधिसूचना का वास्तव में भाखड़ा विस्थापितों को कोई लाभ नहीं हुआ है और मुख्यमंत्री कार्यालय में नगर के गैर -विस्थापितों के हितों की न जाने किन कारणों से हिफाजत कर रहे तत्व अपने उदेश्य में पूरी तरह से सफल हो गए है । इसी लिए भाखड़ा विस्थापित समिति ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस अनियमितता कि ओर दिलाते हुए उनसे इस मामले में तुरंत हस्ताक्षेप करके वास्तव में भाखड़ा विस्थापित पुनर्वास हितेशी नीति वाली अधिसूचना निकाले जाने के आदेश देने का आग्रह किया है । उन्होने कहा कि यदि मुख्यमंत्री चाहें तो भाखड़ा विस्थापित समिति इस मामले में उनसे मिल कर सहयोग करने को प्रस्तुत है । समिति ने कहा कि सरकार भाखडा विस्थापितों की मांगों व कठिनाइयों को हल्के में न ले और ना ही यह अनुमान लगा कर बैठे कि विस्थापित अब उनके कथित किसी वादे व झांसे में ही आने वाले हैं क्यूँ कि इस बारे में उनका अनुभव आशा के बिलकुल विपरीत रहा है । उनका कहना था कि इसी कारण अब भाखड़ा विस्थापितों में सरकार के विरुद्ध भारी रोष व आक्रोश पैदा हो गया है । समिति ने सभी भाखड़ा विस्थापितों से आग्रह किया की 25 नवंबर से पूर्व नगर के सभी विस्थापित समाज सेवी ओ पी गर्ग और उनके सहयोगी पुरुषोत्तम शर्मा से संपर्क बनाए ताकि उन्हें अभी तक न दिये गए प्लाट आदि का पूरा विवरण समिति तक पहुँच सके । बैठक में अन्यों के अतिरिक्त जेके नड़ड़ा , ओंकार दास कौशल , अमरसिह कोंडल , नंदलाल कोंडल , अधिवक्ता अमृतलाल नड़ड़ा , शेर अली चौधरी ,नन्द किशोर , हंसराज कपिल , ब्रह्मानन्द , रामपाल डोगरा , भूपिंदर सिंह , आरके शर्मा , प्रमोद शर्मा , ओमप्रकाश गर्ग , पुरुषोत्तम शर्मा , एस एल कोंडल , ओंकार कपिल , ओमप्रकाश मेहता , अमरजीत पँवार ,और रामसिंह आदि ने भाग लिया ।
