विधानसभा भवन तपोवन के साथ लगते जोरावर स्टेडियम में सरकार के खिलाफ नारेबाजी
जनवक्ता ब्यूरो धर्मशाला
विधानसभा भवन तपोवन के साथ लगते जोरावर स्टेडियम में शुक्रवार को प्रदेश भर के कर्मचारियों ने न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया तो आगामी लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर कर्मचारी अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारेंगे और उसी को वोट करेंगे। प्रदेशभर में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही कर्मचारियों ने एनपीएस गो बैक के नारे भी लगाए न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हुए धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के कोने-कोने से कर्मचारी पहुंचे हुए थे। इस मौके पर न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया, महासचिव भरत शर्मा और जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मिन्हास ने कहा कि 10 मई 2003 को प्रदेश के कर्मचारियों की पेंशन सुविधा को बंद कर सरकार ने कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। इसी का नतीजा है कि कर्मचारियों को अपनी पेंशन बहाली के लिए सरकार को घेरना पड़ रहा है। महासंघ ने कहा कि जहां पहले लोग चुनाव में नोटा का इस्तेमाल करते थे।
लोगों से नोटा के इस्तेमाल की बजाय कर्मचारी उम्मीदवारों को वोट डालने की अपील
इन लोकसभा चुनाव में प्रदेश के लोगों से नोटा के इस्तेमाल की बजाय कर्मचारी उम्मीदवारों को वोट डालने की अपील कर्मचारियों से की जाएगी ताकि प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की ताकत का एहसास हो सके । इस अवसर पर स्टेट कार्यकारिणी के उपप्रधान अरुण धीमान, कपिल राघव, सुभाष शर्मा, नित्यानंद, महेश कुमार, मोती नेगी, राज्य संगठन सचिव भिंदर, संयुक्त राज्य सचिव अजय राणा, पंकज शर्मा, अशोक ठाकुर, सीआर ठाकुर, वेद प्रकाश, मुख्य संयोजक जगदेव चौहान, मुख्य सलाहकार राजिंद्र स्वदेशी, मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष सीमा चौहान, राज्य महिला विंग सचिव ज्योतिका मेहरा, मंडी के प्रधान प्रदीप ठाकुर, सोलन प्रधान श्याम लाल गौतम, कुल्लू प्रधान विनोद वौद्ध, बिलासपुर प्रधान राजिंद्र कुमार वर्धन, हमीरपुर प्रधान राकेश कुमार, किन्नौर जिला प्रधान वीरेंदर जिंतु, ऊना के प्रधान कमल चौधरी, सिरमौर के प्रधान सुनील तोमर आदि मौजूद रहे। डॉ. संजीव गुलेरिया ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में कर्मचारी सभी चारों सीटों से अपने उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने कहा कि महासंघ ने फैसला लिया है कि नोटा को दबाने के बजाय कर्मचारी अपने ही किसी साथी को वोट डालने की अपील करेंगे, जिससे प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की ताकत का एहसास हो सके।
‘जो पुरानी पेंशन बहाल करेगा वही देश पर राज करेगा’
वहीं, इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ एक नारा भी दिया ‘जो पुरानी पेंशन बहाल करेगा वही देश पर राज करेगा’। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब विधायक और सांसदों को पेंशन दी जा सकती है तो 60 वर्ष तक अपनी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को इससे महरूम क्यों रखा जा रहा है। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि उनकी सरकार के साथ बातचीत चल रही है और मुख्यमंत्री ने उन्हें मिलने का समय भी दिया है।

