नगर के निहाल सेक्टर में चल रही समर्थ शिशु श्री राम कथा
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
नगर के निहाल सेक्टर में स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के खेल परिसर में चल रही समर्थ शिशु श्री राम कथा के तीसरे दिन मध्य प्रदेश के उज्जैन से पंडित श्याम स्वरूप मनावत ने कहा कि माता पिता की सेवा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन को वश में करना है तो कठोर वचनों का परित्याग करें क्योंकि जुबान पर लगा घाव तो ठीक हो जाता है लेकिन जुबान से दिया घाव कभी ठीक नहीं होता। इसलिए अपनी वाणी का प्रयोग सोच समझकर करें, तब जिंदगी अयोध्या है। उन्होने कहा कि माता पिता की सेवा के महत्व के बारे में स्वामी जी ने बताया कि जो मनुष्य अपने जीवन में केवल सेवा का भोग करता है, लेकिन अपने अंत जीवन तक कभी किसी की सेवा नहीं करता, उसका जीवन पशुओं के तुल्य है। इसलिए अपने माता पिता द्वारा ली गई सेवा का मूल्य उनके बुढ़ापे में उनकी सेवाकर चुकाएं। आयोजन टीम में शामिल सुनील चंदेल, सुरेश चौधरी व विक्रम शर्मा ने बताया कि तीसरा दिन छोटे बच्चों के लिए था। इस कार्यक्रम में डीसी बिलासपुर विवेक भाटिया , एसपी अशोक कुमार, सेवानिवृत प्रिंसीपल कंचन माला, आईपीएच विभाग से एक्सीयन अरविंद वर्मा, लेख राम वर्मा, मनशा राम, प्रिंयका, नंद लाल, स्वामी वेदानंद(हरिद्वार वाले), राष्ट्रीय मंत्री विद्या भारती हेमचंद्र, उत्तर क्षेत्र के सह संगठन मंत्री बाल कृष्ण, अच्छर सिंह ठाकुर मार्गदर्शक हिमाचल शिक्षा समिति, सुरेश चौधरी, विक्रम शर्मा, सुशील पुंडीर, योगेंद्र पुंडरी सहित भारी सं या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

