पूर्व केन्द्रीय मंत्री पंडित सुखराम और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हिमाचल की राजनीती के किंग मेकर
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
जिला मंडी कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी रजनीश सोनी ने जारी प्रेस ब्यान में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम की कांग्रेस पार्टी में घर वापिसी और उनके युवा पौत्र आश्रय शर्मा को मंडी लोकसभा से कांग्रेस टिकट मिलते ही क्षेत्र के बीजेपी नेताओं में खलबली का माहौल बन गया है और सत्ता पक्ष बैकफुट में दिख रही है | पूर्व केन्द्रीय मंत्री पंडित सुखराम और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोनों ही हिमाचल की राजनीती के किंग मेकर है और दोनों का एक साथ एक गले मिलना और आगामी चुनावों में एकजुट होकर साथ चलने से वर्तमान सांसद बौखला चुके हैं और अपनी हार उनको नजर आ रही है जिसकी औपचारिक एलान 23 मई को हो जायेगा क्यूंकि वर्तमान सांसद महोदय ने संसदीय क्षेत्र में किया ही कुछ नहीं है और लोकसभा क्षेत्र की दो विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतर सांसद निधि खर्च की है , और निधि खर्च करने में भेदभाव किया गया है | उन्होंने कहा कि बल्ह विधानसभा में 5 वर्षी में सांसद निधि से करीब 93 लाख खर्च किया गया , औसतन 2 लाख प्रति ग्राम पंचायत वह भी पांच सालों में | जितना सांसद ने पांच वर्षों में बल्ह में खर्च किया , उससे कई ज्यादा राशि तो उन्होंने वार्ड मेम्बर के तौर पर अपने वार्ड में 3 वर्षों में ही विकासत्मक कार्यों में खर्च की है | उन्होंने सांसद से प्रश्न किया कि वह यह बताएं कि फोर लेन का काम क्यूँ लटका पड़ा है , नेर चौक मेडिकल कालेज को क्यूँ केंद्र सरकार या इएसआईसी विभाग द्वारा नहीं चलाया गया ,
मीडिया प्रभारी ने कहा कि यदि पंडित सुखराम का दौर नहीं था और वजूद नहीं था तो 1998 में पहली बार बीजेपी सरकार सुखराम के समर्थन से और 2017 विधानसभा चुनावों में जब आदरणीय पंडित सुखराम बीजेपी के प्रचार में गये तो इन्ही बीजेपी नेताओं ने सार्वजनिक मंच से उनके तारीफों और सफल चाणक्य नीतिओं के पुल बांधे और राजनीती का चाणक्य भी कहा गया उन्होंने कहा कि यदि पंडित सुखराम का दौर खत्म हो गया तो पिछले विधान सभा चुनावों में क्यूँ बीजेपी को अनिल शर्मा को टिकेट देना पड़ा और क्यूँ अनिल शर्मा को कबिनेट रैंक का महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री बनाना पड़ा | यदि वजूद था पंडित सुखराम जी का तभी उनके पुत्र को कैबिनेट रैंक देना पड़ा और दौर और वजूद खत्म हो गया होता तो भारतीय जनता पार्टी उनको मंत्री पद से न नवाजती |
उन्होंने कहा कि जिला मंडी कांग्रेस एकजुट है एवं लोक-सभा चुनावों में मंडी सीट को भारी अंतर से जीतेगी और युवा प्रत्याशी आश्रय शर्मा को सांसद बना के दिल्ली भेजेगी |

