
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
कीरतपुर – नेरचौक फोरलेन विस्थापित समिति ने कहा है कि कीरतपुर से नेरचोक तक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क निर्माण में कार्यरत कंपनी के कोई दो वर्ष पूर्व काम छोड़ कर चले जाने से पिछली दो बरसातों में भारी वर्षा के कारण जहां सड़क को भारी क्षति पहुंची है वहीं इस सड़क निर्माण के लिए विभिन्न ठेकेदारों द्वारा लगाई गई अधिकांश मशीनरी भी नष्ट प्राय हो गई है। जिस कारण देश को अरबों रुपए की हानि पहुंची है और यदि इस सड़क का निर्माण कार्य दोबारा से शीघ्र आरंभ नहीं किया गया तो अब तक निर्मित की गई सड़क को आने वाली बरसात में और अधिक हानि होने की पूरी संभावना बनी हुई है तथा इस स्थिति में विस्थापितों और प्रभावितों का चिंतित होना स्वाभाविक है
समिति के प्रधान रामसिंह ने कहा कि सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप्प हो जाने से हजारों लोगों का रोजगार भी समाप्त हो गया है जबकि किसानों की भूमि छिन्न जाने से उनका पुस्तेनी कृषि धंधा भी समाप्त हो गया । उन्हें अब अपने परिवारों का भरण –पोषण करना कठिन हो रहा है । इससे पूर्व बिलासपुर जिला के भाखड़ा विस्थापितों का बसाव आज 60 वर्ष बीत जाने पर भी नहीं हो पाया है और कोल डैम तथा ए सी सी सीमेंट फैक्ट्री के विस्थापित भी विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों और समस्याओं से निरंतर जूझ रहे हैं जबकि इस दौरान बनी कितनी ही सरकारों ने उनकी किन सभी समस्याओं को दूर करने के झांसे,प्रलोभन और दिलासे तो दिये किन्तु उन पर कोई अमल नहीं किया जिस कारण उनका सभी सरकारों पर से विश्वास उठ चुका है ।
रामसिंह ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो इन सभी योजानोन से विस्थापित हुए हजारों विस्थापितों की समस्याएँ इतनी विकारल हो जाएगी कि उनका समाधान करना सरकारों के बस में नहीं रहेगा और लोग तकलीफ़ें निरंतर झेलने को विवश होते रहेंगे । उन्होने सरकार से मांग की कि शीघ्र इन सभी विस्थापितों के कल्याण के लिए गंभीरता से लिया जाये और एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करके कोई योजना तैयार की जाये और फिर उस पर कड़ाई से अमल सुनिश्चित किया जाये ताकि इनकी समस्याओं का स्थाई समाधान हो सके ।
