• Wed. Jan 28th, 2026

हिमाचल राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का वास्तविक उतराधिकारी कौन

Byjanadmin

Jun 9, 2019

सरकार किस गुट को दे मान्यता बड़ी चुनौती

जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्ष में अपने आप को राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का वास्तविक उतराधिकारी घोषित करते हुए तथाकथित विभिन्न गुटों में विभाजित कर्मचारी नेताओं ने अपने अपने कट्टर समर्थकों को लेकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार अपने आप को अन्य गुटों से अधिक शक्तिशाली दिखाने के प्रयास किए जाते रहे हैं । किन्तु इससे यह प्रमाणित हो गया है कि कुछ महासंघ के नेताओं को एक सूत्र में लाकर कर्मचारियों कि दर्जनों समस्याओं और आर्थिक कठिनाइयाँ सुलझाने के प्रयासों की ओर वास्तव में किसी भी गुट विशेष में कोई चाह अथवा सशक्त इच्छा दिखाई नहीं दी है और दिखावे मात्र के लिये प्रेस के माध्यम से मिल बैठ कर समस्याएँ सुलझाने के कथित वादे व घोषनाए समय समय पर प्रैस के माध्यम से अवश्य की जाती रही हैं । वर्षों से वीके कौल के एक मामले में उलझ जाने के बाद से ही शिमला में उधान विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी नेता अपने आप को कर्मचारी परिसंघ का राज्य अध्यक्ष घोषित करके स्थान स्थान पर घूम घूम कर प्रेस वार्ताएं आयोजित करके यह प्रमाणित करने का प्रयास करता रहा कि उनके नेत्रत्व में परिसंघ एक सशक्त संगठन है । किन्तु हिमाचल प्रदेश में सत्ता बदल जाने के बाद उन्होने एक दम पलटी मार कर अपने आप को राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का कथित कार्यकारी अध्यक्ष घोषित करके महासंघ के चुनाव करवाने की घोषणायेँ तो कई बार करते रहे लेकिन ब्यानों से आगे नहीं बढ़ पाये है ।
उधर जिला मंडी के मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सराज से संबंध रखने वाले अश्विनी ठाकुर ने जो शिमला में कार्यरत हैं ,ने अपना एक अलग गुट खडा करके कर्मचारी महासंघ का अगला अध्यक्ष होने का दावा किया था और कर्मचारियों की सभी समस्याओं को हल किए जाने कि घोषणा भी की थी तथा स्वयं को महासंघ का सबसे सशक्त दावेदार घोषित किया था । कर्मचारी परिसंघ के राज्य अध्यक्ष अमरनाथ खुराना ने भी अपने समर्थक कर्मचारियों के साथ अलग से कर्मचारी महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा की मूर्ति पर माल्यार्प्ण करके स्थापना दिवस के अवसर पर कहा था कि महासंघ कई गुटों में विभक्त हो चुका है इसलिए सरकार को कर्मचारी परिसंघ को वार्ता के लिए बुलाना चाहिए ताकि कर्मचारियों की मांगों ,कठिनाइयों और समस्याओं को वार्ता के माध्यम से सुलझाया जा सके । उधर सुरेन्द्र ठाकुर और एनआर ठाकुर भी वर्षों से अपने आप को राज्य कर्मचारी महासंघ का उत्तराधिकारी प्रमाणित करने के प्रयासों में लगे हुए हैं और अपने इस दावे को पुष्ट करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े कर्मचारी व मजदूर संगठनों अथवा भारतीय मजदूर संघ के बल- बूते अपने आप को सारे हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधि मानने के प्रयासों में संलग्न हैं ।इसी कड़ी में उनकी जिला इकाई के प्रधान इन्द्र सिंह ठाकुर के सक्रिय सहयोग से भारतीय मजदूर संघ से संबन्धित नेताओं सुरेन्द्र ठाकुर और एन आर ठाकुर ने बिलासपुर नगर में कर्मचारी महासंघ के संस्थापक राज्य अध्यक्ष स्वर्गीय रमेश चंद्र शर्मा की मूर्ति पर माल्यार्पण करवाने के बाद भारतीय मजदूर संघ से संबन्धित विभिन्न संस्थाओं के नेताओं को साथ लेकर इस स्थापना दिवस का आयोजन बिलासपुर नगर के नगर परिषद हाल में किया था । जिसमें महत्वपूर्ण बात यह थी कि इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय कार्यवाह किस्मत कुमार मुख्यातिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे । स्पष्ट है कि विभिन्न गुटों में बंटे यह कर्मचारी नेता हिमाचल भर के कर्मचारियों कि समस्याओं ,कठिनाइयों को दूर करने के लिए नहीं बल्कि बिना किसी पुष्ट प्रमाण के अपने आप को ही सर्वाधिक कर्मचारियों के वास्तवित प्रतिनिधि प्रकट करके केवल मात्र भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार से मान्यता प्राप्त करने की होड़ में लगे हुए हैं ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय के समीप सचिवालय में फोन और कमरा प्राप्त करके अपनी चौधराहट चलाई जा सके । यदि सारे घटनाक्रम पर दृष्टि दौड़ाई जाये तो इस बात में कोई संदेह नहीं कि क्यूँ कि आरंभ से ही भाजपा की जयराम सरकार कुछ नितांत अनुभवहीन अधिकारियों के मार्ग दर्शन में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा विवश कि जा रही है और किसी भी भाजपा के मुख्यमंत्री में इतना दम नहीं कि स्वयं को आर एस एस के दबाव से मुक्त होकर स्व्छ्न्द्ता से कार्य कर सके ,तो फिर निश्चित रूपसे जयराम सरकार में आर एस एस से संबन्धित सुरेन्द्र ठाकुर और एन आर ठाकुर गुट को मान्यता दिया जाना संभव माना जा रहा है हालांकि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र से ही संबंध रखने वाले अश्विनी ठाकुर भी उनके लिए इस निर्णय को कर पाने में भारी कठिनाई पैदा करता हुआ नजर आ रहा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *