बिलासपुर में जिला अस्पताल की व्यवस्था मजाक बन कर रह गई
व्यवस्था में सुधार न किया तो जिला कांग्रेस कमेटी करेगी आंदोलन
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
जिला कांग्रेस प्रवक्ता संतोष वर्मा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के दावे केवल मात्र ढकोसले साबित हो रहे हैं। आम जनता के लिए खोले गए अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को बिलासपुर जिला अस्पताल से प्रसव से संबंधित एक मामले को इस कारण हमीरपुर रैफर किया गया, क्योंकि यहां पर आपरेशन थियेटर वर्किंग कंडीशन में नही है। डिलीवरी के समय अंतिम क्षणों में जोखिम उठाकर मरीज को साठ-सहत्तर किलोमीटर दूर ले जाना किसी भी खतरे से खाली नहीं होता लेकिन बिलासपुर में जिला अस्पताल की व्यवस्था मजाक बन कर रह गई है। वर्मा ने कहा कि स्याहोला की तरफ से आया यह मामला एक गरीब परिवार से संबंधित था। यहां पर महिला रोग चिकित्सक तो मौजूद थी लेकिन सुविधाएं न होने के कारण मरीज को रैफर किया गया। हैरानी की बात है कि महिला को रैफर करने के बाद यहां पर कोई एंबूलेंस भी स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा मुहैया नहीं करवाई गई। ऐसे में प्रदेश सरकार की योजनाएं जमीन पर धूल चाटती नजर आ रही हैं। जिला प्रवक्ता संतोष वर्मा ने कहा कि यह जिले और प्रदेश का दुर्भाग्य है कि बिलासपुर से संबंध रखने वाले जगत प्रकाश नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए बिलासपुर जिला अस्पताल यानि अपने गृह जिले के अस्पताल की दशा सुधारने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए। यही नहीं नड्डा के कारण सदर से विधायक बने सुभाष ठाकुर का भी कोई अता पता नही है। कांग्रेस कार्यकाल में अस्पताल को लेकर हो हल्ला करने वाले भाजपा नेता अब अपनी और अपने चहेतों की ठेकेदारी चमकाने में व्यस्त हैं। अपनों को लाभ देने के लिए सक्रिय भाजपाईयों के लिए आम जनता की सुविधा, दुख, दर्द कोई मायने नहीं रखते। एम्स को लेकर अपनी पीठ थपथपाने वाले भाजपा नेताओं को समझना चाहिए कि एम्स जब बनेगा तब बनेगा लेकिन आए दिन आ रही जनता की परेशानियों का ईलाज कौन करेगा। वर्मा ने कहा कि रविवार को चांदपुर के एक युवक का नेरचौक के पास एक्सीडेंट हुआ। वहां भी इस बच्चे के लिए एंबूलेंस सुविधा नहीं थी जबकि बिलासपुर पहुंचने पर भी हालात यही रहे। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण पीजीआई को रैफर हुए इस युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। संतोष वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आपरेशन थियेटर में लाईट के लिए बाकायदा वैकल्पिक प्रबंध कर जेनरेटर की सुविधा दी गई। पानी के लिए अतिरिक्त प्रबंध किया गया था। समय-समय पर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर औचक निरीक्षण किया करते थे। लेकिन अब हालात केवल ठेकेदारी तक ही सीमित हो गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि शीघ्र ही यदि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार न किया गया तो जिला कांग्रेस कमेटी आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी।

