
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
हिमाचल में बढ़ते सड़क हादसों से जहाँ जान माल की हानि हो रही है वहीं सरकार की भी किरकिरी हो रही है। शिमला में स्कूली बस हादसे के बाद भड़के आक्रोश में अब कांग्रेस ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है ।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल ने शिमला बस दुर्घटना में मारे गए बच्चों तथा घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुये दुर्घटना को सरकार की लापरवाही का एक और उदाहरण करार दिया है ।
उन्होंने कहा कि नूरपुर बस हादसे से शुरू हुआ यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा और सरकार इन बस हादसों को रोकने के कोई भी प्रभावी कदम उठाने अथबा नीति बनाने में पूरी तरह से बिफल रही है । हर बस हादसे के बाद मृतकों एवं घायलों के परिवारों को मुआवजा देने और तथाकथित जांच करबाने की रस्म अदायगी के साथ ही दुर्घटना को भुला दिया जाता है और जिन परिवारों के चिराग बुझ जाते हैं वह आजीवन उस दर्द सहते रहते हैं।
प्रेम कौशल ने कहा कि शिमला बस हादसे के उपरांत परिवहन मंत्री का आचरण तो पूर्णतः अमानवीय रहा,शिमला अपने कार्यालय में होने के बाबजूद मंत्री घटना स्थल पर नहीं गए और घायलों का हालचाल जानने के लिये अस्पताल पहुंचने में भी शाम के 8 बजा दिए,मुख्यमंत्री को ऐसे असंवेदनशील मंत्री को एक क्षण भी अपने मंत्री मण्डल में नहीं रखना चाहिए तथा हादसे के लिये दोषी लोगों के विरुद्ध तुरन्त सख्त कार्यवाही अमल में लानी चाहिए।
