रूड़की,। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के अंतर्गत ‘संचय’ एक शिल्प आधारित संसाधन केंद्र की स्थापना की स्वीकृति की घोषणा की है। यह केंद्र आईआईटी रुड़की के ऐतिहासिक परिसर में स्थापित किया जाएगा, जो भारत की शिल्प विरासत को प्रौद्योगिकी, डिज़ाइन एवं समकालीन नवाचार के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संसाधन केंद्र को विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के माध्यम से वस्त्र मंत्रालय द्वारा समर्थित किया गया है।
संचय (सेफगार्डिंग, अक्यूमुलेटिंग, नर्चरिंग क्राफ्ट एंड हैरिटेज टू स्टिमुलेट आत्मनिर्भर एंड योग्यता) को भारत की विविध शिल्प परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। प्रारंभिक रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड पर केंद्रित यह केंद्र पारंपरिक एवं संकटग्रस्त शिल्पों के पुनरुद्धार तथा शिल्पकार समुदायों के सशक्तिकरण हेतु संरचित प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास, डिजिटल प्रलेखन और आधुनिक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल का नेतृत्व डिज़ाइन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष प्रो. अपूर्बा कुमार शर्मा हैं। प्रो. स्मृति सरस्वत (समन्वयक) तथा प्रो. इंदरदीप सिंह; प्रो. उषा लेंका; प्रो. विभूति भट्टाचार्य (सह-समन्वयक) इस पहल से जुड़े हैं, जिन्हें शोधार्थी सैयद इफराह असफर और आदित्य जैन का सहयोग प्राप्त है।