पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने 53 आमर्ड रेजीमेंट से मिल कर किया आयोजन
बिलासपुर
पूर्व सैनिकों की समस्याओं को समझने के लिए 53 आमर्ड रेजीमेंट द्वारा बिलासपुर में एक शिविर का आयोजन किया गया है। यह जानकारी रेजीमेंट के सीओ तथा श्रद्धांजलि समारोह के मुख्यतिथि कर्नल अभिषेक सक्सेना ने दी उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए हिमाचल की पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने अथक प्रयास की सराहना की। उन्होंने बताया कि इसमें पूर्व सैनिकों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा यहां पर स्थित ईसीईएच में एक महिला चिकित्सक व चिकित्सक की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने पूर्व सैनिकों से इनकी सेवाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण समिति की ओर से स्थानीय संस्कृति भवन के सभागार में 1965 भारत पाक युद्ध दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह एवं श्रद्धाजलि समारोह का आयोजन किया गया। सर्व प्रथम स्थानीय परिधि गृह में भारत पाक युद्ध के शहीदों को सेना की टुकड़ी ने शस्त्रों को उल्टा कर सलामी दी। वहीं कमान अधिकारी कर्नल अभिषेक सक्सेना, हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद सहित अन्य वरिष्ठ भूतपूर्व सैनिकों ने भी भारत पाक युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि प्रदान की।

इस अवसर पर पुलिस विभाग के एएसपी भागमल भी उपस्थित रहे। इसके पश्चात स्थानीय संस्कृति भवन के सभागार में 1965 भारत पाक युद्ध दिवस के अवसर पर भारत पाक युद्ध की वीरनारियों को कमान अधिकारी कर्नल अभिषेक सक्सेना द्धारा सम्मानित किया गया। जिनमें बिलासपुर के सुन्हाणी की कर्मी देवी पत्नी मनसा राम, मीरा शर्मा पत्नी स्व. नंत राम कोठीपुरा, सरवनों देवी पत्नी मनसा राम शर्मा ,बल्ही झरेडा बिलासपुर, सरस्वती देवी, पत्नी बोहरा राम, जिला सोलन व मंडी से चिंता देवी, जिला मंडी शामिल हैं। इस अवसर पर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद भारत पाक युद्ध के बारे में विस्तृत चर्चा की व भारतीय सेना के वीर सिपाहियों की गई कार्रवाई के बारे में अवगत करवाया। इस कार्यक्रम को हिमाचल प्रदेश डिफेंस वूमैन वेल्फेयर एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्ष आशा ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में एक्स सर्विसमैन वैटरन एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश, कैप्टन सुरेंद्र, सुरेंद्र भडोल सहित काफी संख्या में कांगडा, शिमला, मंडी व सोलन सहित अन्य जिलों के पूर्व सैनिक उपस्थित थे।

