
महिला एवं बाल विकास व एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल की अध्यक्षता में आज यहां महिला एवं बाल विकास तथा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से केन्द्रीय तथा राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डॉ. सैजल से अधिकारिता से प्रदेश सरकार तथा केन्द्र प्रायोजित योजनाओं व कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयत सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए ताकि इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए तथा वर्ष 2018-19 में पूरे देश में हिमाचल प्रदेश को प्रथम स्थान दिलाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश के पांच जिलों सोलन, शिमला, हमीरपुर, ऊना व चम्बा में पोषण अभियान आरम्भ किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से इस अभियान को मिशन के रूप में कार्यान्वित करने का आह्वान किया। उन्होंने पोषण अभियान के तहत विभाग द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया तथा भविष्य में पोषण अभियान बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, आंगनवाड़ी सेवाओं व अन्य केन्द्रीय व राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं की समीक्षा के लिए मण्डल तथा जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा आंगनवाड़ी भवन के निर्माण हेतु भूमि विभाग के नाम स्थानान्तरित कर दी गई है, उनके भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव सक्षम अधिकारियों को भेंजे।
डॉ. सैजल ने अनुसूचित जाति, अन्य पिछ़़ड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 के लिए सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। यह पुरस्कार विभाग को इनोवेटिव बेस्ट प्रेक्टिस के बेहतर कार्यान्वयन के लिए प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक व विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण व सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए अनेक कार्यक्रम व योजनाएं आरम्भ की गईं हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार संभालते ही मंत्रिमण्डल की अपनी पहली बैठक में बिना आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से इस आयु वर्ग के एक लाख पात्र लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से अब उन्हें जनवरी माह से 700 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 1250 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त हो रही है और जो वृद्धजन आय सीमा की शर्त के कारण पेंशन प्राप्त नहीं कर पा रहे थे, वे सभी अब लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 1 अप्रैल, 2018 से अब तक 32808 पेंशन के नए मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें लगभग 10 हजार से अधिक पेंशनधारक 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 4,46,805 व्यक्तियों को विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है।
डॉ. सैजल ने कहा कि सरकार द्वारा 1 अप्रैल, 2018 से पेंशन दरों में बढ़ोतरी करके इसे 750 रुपये प्रतिमाह किया गया, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पेंशनधारको की पेंशन को 1300 रुपये प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजन छात्रों को छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों/कॉलेजों व विश्वविद्यालय में कार्यरत दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिवस छात्रवृत्ति व छात्रावास छात्रवृत्ति की दरों में 1 अप्रैल, 2018 से बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि अब दिवस छात्रवृत्ति को 625 रुपये प्रतिमाह से लेकर 3750 रुपये प्रतिमाह तथा छात्रावास छात्रवृत्ति 1875 रुपये प्रतिमाह से लेकर 5 हजार प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 100 दिनों के लक्ष्यों के अन्तर्गत 25 दिव्यांगजनों को आईएचएम को फ्री के माध्यम से आथित्य/सत्कार में प्रशिक्षण उपलब्ध करवाकर उन्हें रोजगार प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाया गया है। इसी प्रकार सुजोप योजना के अन्तर्गत 100 अभ्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुगम्य भारत अभियान के अन्तर्गत प्रदेश सरकार की 22 विभागीय भवनों को दिव्यांगजनों के लिए बाधामुक्त बनाने के लिए चयनित किया गया है।
बैठक में प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मनोज कुमार, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक हंस राज शर्मा, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम सशक्तिकरण विभाग के निदेशक हंस राज चौहान एवं विशेष सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता रघुवीर और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
