
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राम लाल ठाकुर, डॉ(कर्नल) धनी राम शांडिल और हर्षवर्धन चौहान शामिल
शिमला
आज कांग्रेस विधायक दल का प्रतिनिधिमंडल मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में 15वें वित्तायोग से मिला। उनके साथ कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राम लाल ठाकुर, डॉ(कर्नल) धनी राम शांडिल और हर्षवर्धन चौहान शामिल थे।
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि हिमाचल प्रदेश का गठन राजनैतिक जरूरतों के मद्देनजर हुआ और इसमें प्रदेश का आर्थिक पोषण केंद्र और वित्तायोग को करना है। कांग्रेस पार्टी ने अपने ज्ञापन में प्रदेश सरकार द्वारा रखे गए तमाम प्रस्तावों का समर्थन किया और कहा कि प्रदेश के पास सीमित संसाधन होने के कारण आय के स्रोत कम है। इसलिए राज्य का वित्तीय अस्तित्व वित्तायोग की सिफारिशों पर निर्भर करता है।
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि 14वें वितायोग की वजह से प्रदेश आर्थिक तौर पर विकास और कल्याण की जरूरतें पूरा करने में सक्षम रहा है और उसमें 232 फीसदी का इज़ाफा हुआ तथा केंद्रीय करों को भी 32 से 42 फीसदी किया गया था।
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश पर 47 हजार करोड़ रुपये का कर्जा है, जिसे एकमुश्त ग्रांट देकर समाप्त किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा घोषित 70 राष्ट्रीय उच्च मार्गों के 65 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदेश को मुहैया करवाने की वकालत भी की है।
कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की आय और खर्चे का सही मूल्यांकन करते हुए इस अंतर को वित्तायोग द्वारा भरने की मांग की है क्योंकि पहाड़ी प्रदेश के संचालन में भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से प्रशासनिक खर्चे, अन्य राज्यों से ज्यादा रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने बीबीएमबी हाइड्रो पावर प्रोजैक्ट में राज्य के हिस्से की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी है, जिससे राज्य को लगभग 25,000 करोड़ रुपये की आमदनी होना अनुमानित है। इसलिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों को सर्वोच्च अदालत के आदेश के फैसले के मुताबिक राज्य का हिस्सा देने के लिए बाध्य किया जाए। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश को नॉर्थ-इस्ट की तर्ज पर आद्योगिक पैकेज दिए जाने की सिफारिश भी की है।

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वन सम्पदा के संरक्षण और पर्यावरण के बचाव के लिए प्रदेश ने व्यापक कदम उठाए हैं और हरे पेड़ों के कटान पर रोक लगाई है, इसकी एवज़ में प्रदेश की मदद की जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को तमाम प्रोजैक्ट्स में 90:10 की रेशो में फंडिंग होनी चाहिए। खासकर प्रदेश को मिले दो स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट्स में 50:50 के अनुपात में जो फंडिग देने का फैसला हुआ है उसे 90:10 में किया जाए।
कांग्रेस पार्टी ने पंचायतीराज तंत्र में पंचायतों की तर्ज पर ब्लॉक समिति और जिला परिषदों को भी फंडिंग करने का आग्रह किया है क्योंकि पिछली दफा यह भी एक अड़चन आई थी जिससे दोनों संस्थानों की प्रासंगिकता पर असर पड़ा है।
कांग्रेस पार्टी ने पर्यटन क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश की मदद करने की बात कही है और कहा कि हिमाचल प्रदेश के हवाई अड्डों और रेल लिंक्स को बढ़ावा देने के लिए पुख्ता मदद की जाए। पार्टी ने कहा कि शिमला में गत वर्ष पानी की कमी के चलते अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की साख पर असर पड़ा है। इसलिए पर्यटक स्थल शिमला की पेयजल योजना के लिए प्रदेश को एकमुश्त मदद दी जाए।
कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्राचीन धरोहर को देखते हुए इसके विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपये की मदद की मांग की है।

कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में बरसात से हो रहे नुकसान के लिए केंद्रीय वित्तायोग द्वारा 1300 करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपये तक किए जाने की बात कही है और यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले ‘राजस्व घाटा अनुदान’ को आने वाले समय में भी जारी रखा जाए तथा इसमें बढ़ोतरी भी की जाए। उन्होंनें केंद्रीय करों में हिमाचल के 42 फीसदी हिस्से को 50 फीसदी करने की वकालत भी की है।
कांग्रेस पार्टी ने जीएसटी की वजह से हिमाचल प्रदेश को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए लम्बी अवधि तक क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग भी की है। पार्टी ने पहाड़ी प्रदेश के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की मांग करते हुए 15वें वित्तायोग से खुले दिल से प्रदेश की मदद करने व निर्धारित प्रोजैक्ट्स के लिए धनराशि जारी करने के लिए दबाव बनाया है। हिमाचल प्रदेश की आय के मुख्य साधन पावर प्रोजैक्ट्स और पन बिजली प्रोजैक्ट्स हैं। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसमें नीति परिवर्तन के बाद प्रदेश को धक्का लगा है और पन बिजली के क्षेत्र में 29 फीसदी आय का स्रोत होने के बावजूद भी आय में कमी आई है। इसलिए कांग्रेस पार्टी की मांग है कि ऐसे में वित्तायोग हिमाचल प्रदेश की मदद करें।
