
यात्रियों की संख्या 90 से 100 के बीच में रूट पर एचआरटीसी चला रहा 34 सीटर बस
हर रोज ओवरलोड होकर आती है यह बस
बिलासपुर
बसों की कमी के चलते ग्रामीण रूटों पर अक्सर निगम की बसों में ओवरलोडिंग हो रही है। बरसात के मौसम में ओवरलोंडिग के चलते हादसे की आंशका बनी रहती है। क्योंकि क्षेत्र की अधिकतर सड़के खस्ताहाल हो चुकी है। इन खस्ताहाल सड़कों पर कभी भी ओवरलोंडिड बसों में कोई भी घटना घट सकती है। ग्रामीणों की बार-बार मांग के बावजूद भी निगम बसे नहीं चला रहा है। बस हादसे कब हो जाएं इसका पता ही नहीं चलता लेकिन न तो सरकार और न ही हिमाचल पथ परिवहन निगम इसके प्रति जबाबदेह है। यह लापरवाही न जाने कब हादसों में बदल जाती है पता ही नहीं चलता। वैसे तो बिलासपुर जिले की सड़के काफी बेहतर हैं लेकिन इनमें भी कुछ रूटों पर जो बसें चल रही हैं वह इतनी ओवरलोड हो जाती हैं कि हर रोज हादसे का डर लगा रहता है। ऐसा ही एक रूट है बिलासपुर से भ्युंखर और भ्यूंखर से बिलासपुर के लिए आने-जाने वाली बस का। जी हां इस रूट पर हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर डिपो की बस चलती है और कोई भी दिन ऐसा नहीं होता कि यह बस ओवरलोड न हुई हो। वैसे भी इस रूट पर हर रोज स्कूल, कालेज और सरकारी कार्यालयों को आने वाले यात्रियों की संख्या 90 से 100 के बीच में है लेकिन इस रूट पर 34 सीटों वाली नीली बस चलाई जा रही है जो हर रोज ओवरलोड होकर आती है। इस क्षेत्र से बीमार, बुर्जुग और महिलाओं को आने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है कि वह बस में सफर करें या नहीं। यह बस बिलासपुर लगभग साढ़े नौ के करीब पहुंचती है और भ्यूंखर से बिलासपुर तक इसमें यात्री न केवल खड़े खड़े आते हैं बल्कि उन्हें उतरने और चढ़ने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बस में हर रोज सफर करने वाले श्यामलाल, प्रकाश, लीलादेवी, ज्ञानचंद, राकेश कुमार और हेमराज ने बताया कि इस बारे में वह कई बार बिलासपुर में हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को बोल चुके हैं लेकिन कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता। हेमराज और प्रकाश का कहना है कि उन्हें तो जबाब दिया जाता है कि इस रूट पर चलाने के लिए कोई भी और बस है ही नहीं तो यही बस चलेगी। हैरानी की बात तो यह है कि इस बस में हर रोज होने वाली भीड़ के कारण अक्सर स्कूल व कालेज आने वाले विद्यार्थी लेट हो जाते हैं वहीं कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों को भी अपनी अटेंडेंस लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस रूट पर सड़क भी सिंगल है और कई मोड़ तो ऐसे हैं कि वहां पर अगर आगे से कोई वाहन आ जाए तो पास देने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि अगर इस बारे में हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो वह आदोलन का रास्ता अपनाने में गुरेज नहीं करेंगे। लीलादेवी, ज्ञानचंद और हेमा ठाकुर का कहना है कि उन्हें तो ऐसा लग रहा है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायक और परिवहन मंत्री से इस बारे में संज्ञान लेने की बात कही है और कहा है कि लोगों को आ रही समस्या कस शीघ्र हल किया जाए।
हैड आफिस को सूचित किया है : क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा
इस बारे में हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा का कहना है कि यह समस्या बिलासपुर जिले में सुबह चलने वाले कई रूटों पर आ रही है और इस समय बिलासपुर आने वाले स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती है जिससे यह परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि इस समय बिलासपुर डिपो में नीली बसों की सख्या अधिक है और इस समस्या के बारे में उन्होंने अपने हैड आफिस को सूचित भी किया है। उन्होंने बताया कि अधिक समस्या वाले क्षेत्रों के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम कोई न कोई हल निकालने जा रहा है।
