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मल्यावर में रेबीज व डेंगू बीमारी के बारे में जागरूक शिवर का आयोजन किया गया

Byjanadmin

Oct 3, 2018


जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले गावँ मल्यावर में रेबीज व डेंगू बीमारी के बारे में जागरूक शिवर का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ कमल किशोर शर्मा ने की। डॉ शर्मा ने बताया कि खंड घुमारवीं में अभी तक 78 मरीज पंजीकृत हो चुके है जिनमे से ग्राम पंचायत मल्यावर में अभी तक 30 मरीज डेंगू की बीमारी के पंजीकृत हो चुके है। डॉ शर्मा ने लोगो को जागरूक करते हुए बताया कि शुरू में सामान्य सा लगने वाला यह बुखार देरी होने या गलत इलाज से जानलेवा साबित हो सकता हैं। परंतु समय पर डेंगू का इलाज होने से यह बीमारी कंट्रोल हो जाती है। डॉ शर्मा ने बताया कि डेंगू मादा ऐडीज मच्छर के काटने से होता है और यह मच्छर दिन के समय काटता है डॉ शर्मा ने बताया कि डेंगू तीन तरहा का होता है साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हैमरोजिक बुखार, डेंगू शॉक सिंड्रोम । डॉ शर्मा ने बताया कि साधारण डेंगू बुखार में ठंड के साथ तेज बुखार, सिर दर्द , मासपेशियो ,जोड़ो,आंखों में दर्द , गले मे दर्द ,चेहरे ,गर्दन, छाती पर लाल गुलाबी रंग के रैशेज होना तथा डेंगू हैमरोजिक बुखार में नाक, मसूढो, शौच , उल्टी में खून आना मुख्य लक्षण है डॉ शर्मा ने बताया कि डेंगू होने से मरीज के शरीर मे प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है जो शरीर के लिए घातक है। डॉ शर्मा ने कहा कि बुखार आने पर तुरंत अस्पताल में अपने खून की जांच करवाएं उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में डेंगू का टेस्ट फ्री हो रहा है। उन्होंने लोगो को इस बीमारी से बचने के लिए सहयोग देने का आग्रह किया कि अपने घर के आस पास प्लास्टिक बैग,कैन , गमले, सड़को व कूलरों में पानी जमा न होने दे ताकि मच्छर पैदा न हो सके । खंड स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने इस शिवर में लोगो को रेबीज की बीमारी के बारे में भी जागरूक किया उन्होंने कहा कि यदि किसी को रेबीज हो जाए तो उसका बचना मुश्किल है।

परंतु यदि हम पहले सावधानी रखें तो इस बीमारी से बच सकते है।चन्देल ने बताया कि रेबीज कुत्ते, बिल्ली, बन्दर, बकरी, गाय , भैंस, लोमड़ी आदि के काटने से भी हो सकता है परंतु भारत मे ज्यादातर रेबीज कुत्ते के काटने से हो रहा है। चन्देल ने बताया कि यदि कोई जानबर व पशु काटे तो तुरन्त काटे हुए स्थान को साबुन पानी से अच्छी तरह धो ले और 24 घंटे के अन्दर अस्पताल में एन्टी रेबीज का टीका लगवा ले । उन्होंने कहा कि जानवर व पशु के काटने पर एन्टी रेबीज के 6 टीके सरकारी अस्पताल में मुफ्त लागए जाते है। इस शिवर में डॉ निशांत ठाकुर ने डेंगू बीमारी से बचने के लिए लोगो से सहयोग देने का आग्रह किया । इस शिवर में उपप्रधान ग्राम पंचायत मल्यावर प्यार चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक करतार सिंह पटयाल , स्वास्थ्य कर्मचारी संजीव शर्मा,सुरेन्द्र कुमार, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन कुमारी, रीना देवी, आशा कार्यकर्ता जगतम्बा देवी, आशा देवी, रानी देवी, रमा देवी ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला देवी, पावन , मीना देवी, रंजू देवी व गावँ के लगभग 70 लोग उपस्थित थे।

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