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हिमाचल की कठिन लोकसभा सीट मानी जा रही है हमीरपुर

Byjanadmin

Mar 6, 2019

कांग्रेस और भाजपा में होगी कड़ी टक्कर

अनुराग ठाकुर के लिए भी चुनावी डगर में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा

कांग्रेस ने यदि अपना उम्मीदवार घोषित करने में देरी की तो जीत कठिन

उपलब्धियों के नाम पर बिलासपुर जिले में सांसद अनुराग ठाकुर के पास कुछ विशेष बताने को नहीं

राम सिंह
राजनीतिक प्रतिनिधि जनवक्ता

एक ओर जहां भाजपा नेता पूरे आत्म विश्वास के साथ यह मान कर चले हैं और आए दिन बड़े बड़े दावे भी कर रहे हैं ,कि पिछले वर्ष 2014 के संसदीय चुनाव की भांति ही अब शीघ्र ही होने वाले वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव में भी भाजपा इस हामीरपुर संसदीय सीट पर अपनी विजय पताका फहराएगी वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के पुराने दिग्गज और नए नेता अपने कार्यकर्ताओं के मनोबल बढ़ाते रहने के प्रयास में इस बात को निश्चित मान कर चल रहे हैं कि इस बार परिवर्तन अवश्य होगा और भाजपा से यह संसदीय सीट छीन ली जाएगी | यदि वर्तमान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की इस संसदीय क्षेत्र में उपलब्धियां देखी जाये तो चाहे भाजपा बेशक कुछ भी दावे करे किन्तु इस बार के कार्यकाल में यदि ऊना और हमीरपुर जिलों को छोड़ भी दिया जाये तो अपनी उपलब्धियों के नाम पर बिलासपुर जिले में उनके पास कुछ विशेष बताने को नहीं है | जिस आखिल भारतीय आयुर्विज्ञान स्वास्थ्य संस्थान ( एम्स ) को वे अपनी उपलब्धि गिनाते हैं उसमें बिलासपुर के लोग सांसद अनुराग ठाकुर को नहीं बल्कि इसे स्थापित करने की पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की घोषणा का सारा श्रेय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को ही देते हैं |

पिछले संसदीय चुनाव में लुभावने वादों पर विश्वास करके भाजपा को वोट दिये थे

पर्यवेक्षक कहते हैं कि पिछले संसदीय चुनाव में भले ही सारे भारत सहित हिमाचल प्रदेश में भी लोगों ने तब प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें “ अच्छे दिन “ दिखाने और प्रत्येक परिवार को विदेशों से काला धन लाकर 15-15 लाख रुपए की राशि देने और हर वर्ष दो करोड युवाओं को रोजगार देने आदि के लुभावने वादों पर विश्वास करके भाजपा को वोट दिये थे , किन्तु अब वह स्थिति बिलकुल उलट हो चुकी है| क्यूँ कि जहां वे वादे पूरे नहीं हुए वहीं एकाएक विमुद्रीकरण और जी एस टी थोपने जैसी नीतियों के कारण न केवल प्रधान मंत्री पर से बल्कि प्राय सभी बड़े भाजपा नेताओं पर से अधिकांश जनता का विश्वास उठ चुका है और अब वे भाजपा के बड़े नेताओं के चुनाव जीतने वाला झूठा झांसा और उसे एक जुमला मान कर अब उनकी किसी बात को मानने को प्रस्तुत नहीं हैं और यही बात अब इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के गले कि हड्डी बन चुकी है | इसी कारण से अब पिछले तीन चुनाव निरंतर जीत चुके अनुराग ठाकुर के लिए भी चुनावी डगर में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा |

भाजपा का उम्मीदवार अनुराग ठाकुर के रूप में पहले ही निश्चित

राजनैतिक पर्यवेक्षक कहते हैं कि इस हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार अनुराग ठाकुर के रूप में पहले ही निश्चित हो चुका है और कोई एक मास पहले से ही अपना चुनाव प्रचार भी आरंभ कर चुके हैं जबकि कांग्रेस पार्टी अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है | किन्तु यह हो या वह हो प्रचार में ही कांग्रेस पार्टी द्वारा अपना मूल्यवान समय बर्बाद किया जा रहा है |

अनुभवहीन नेता को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाना कांग्रेस के लिए हानिकारक

जानकार कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री धूमल को विधान सभा चुनाव में हराने वाले राजेन्द्र राणा के बेटे और अभी तक कोई पंचायत चुनाव तक न जीत पाने वाले अभिषेक राणा या अन्य किसी अनुभवहीन नेता को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया जाना निश्चित रूप से कांग्रेस के लिए बहुत हानिकारक सिद्ध होगा | वे मानते हैं कि यदि कांग्रेस ने अपनी विजय सुनिश्चित करनी है तो उसे मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंदर सिंह सुकखू जैसे जाने माने किसी नेता को चुनावी मैदान में उतारना होगा और यदि बिलासपुर जिले से ही किसी नेता को पार्टी उम्मीदवार बनाया जाना उचित समझा तो रामलाल ठाकुर जैसे दिग्गज नेता या फील्ड के खिलाड़ी और तेजतर्रार युवा नेता बंबर ठाकुर को खड़ा करने पर ही सत्ताधारी पार्टी के सशक्त उम्मीदवार से मुक़ाबला किया जा सकता है |

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