देश के युवा राष्ट्र का भविष्यः मुख्यमंत्री
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
देश के युवा हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं उनके कार्यों का भारत विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान है तथा वे जनसंख्या के सबसे गतिशील खंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति में राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ में आयोजित ‘छात्र सम्वाद कार्यक्रम’ के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना और भविष्य उनके युवाओं के हाथों में होती है, वे महत्त्वाकांक्षाओं और रचनात्मक विचारों से भरे होते है। उन्होंने कहा कि अगर इन युवाओं को उनकी प्रतिभा का उपयोग करने का अवसर न मिले तो वे मानव संसाधनों की भारी बर्बादी होगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि युवाओं की प्राथमिक भूमिका भविष्य में बेहतर नागरिक बनने के लिए योग्य शिक्षा प्राप्त करना है। उन्हें अपने आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए योग्य हुनर सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की पूरी सफलता युवाओं पर निर्भर करती है क्योंकि युवा राष्ट्र को बेहतर बनाने की ताकत रखते है और साथ ही उनमें अपने साथी नागरिकों को सही दिशा में ले जाने की क्षमता भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा समस्या का समाधान करने में सक्षम है और राष्ट्र को चाहिए की वे हमारी अधिकांश समस्याओं को हल करे। उन्होंने कहा कि युवाओं में किसी भी चुनौती और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता होती है और उनका साथी युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे राष्ट्र के युवा नशे के जांल में फसते जा रहे जो कि चिंता विषय है। नशा हमारे राष्ट्र के उज्जवल भविष्य को अंधकार की ओर ले जा रहे है। उन्होंने युवाओं से आहवान किया है कि वे नशे के चंगुल से बाहर निकले।
जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण का राष्ट्र की प्रगति में महत्त्वपूर्ण योगदान है और यह हमारे युवाओं पर निर्भर करता है कि वे कितने शिक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने हमारे युवाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं शुरू की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकारियों को बढ़ावा देने और उन्हें सामुदायिक निर्णय लेने योग्य बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और ज्ञान को सही दिशा में प्रसारित करने और उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर प्रदान करना महत्त्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बच्चों को पल्स पोलियो ड्रॉप्स भी पिलाई। उन्होंने राज्य के लोगों से पांच साल से कम उम्र के सभी बच्चों को पल्स पोलियो ड्रॉप्स पिलाई की अपील की जिससे राष्ट्र को पोलियो मुक्त बनाने में सफलता मिलेगी।
उन्होंने इस अवसर पर पुस्तकालय और प्राचीन धर्म ग्रंथों का भी दौरा किया।
राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के कुलपति प्रो. जी.एस.के. कृष्णामूर्ति और डीन शिक्षा प्रो. प्रहलाद जोशी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इस संस्थान में पढ़ रहे हिमाचली छात्रों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हुई राज्य भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक में भी भाग लिया।

