व्यास प्योर फैडरेशन के साथ जिला के जोड़े गए हैं 946 स्वंय सहायता समूह -विवेक भाटिया
जनवक्ता डेस्क, बिलासपुर
महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वाबलम्बी बनाने के लिए सरकार द्वारा अनेकों योजनाए चलाई जा रही है ताकि महिलाए अपने हुनर के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिकी को ही बढाए अपितु अपने परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अपना योगदान भी दे सके यह बात झण्डुत्ता विधान सभा के विधायक जीत राम कटवाल ने बरठी में व्यास प्योर फाउडेशन के आऊटलेट के शुभांरभ के पश्चात कही। उन्होने कहा कि व्यास प्योर फाउडेशन द्वारा स्वय सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों को अब एक खुला बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है जहां ग्रामीण स्तर पर निर्मित उत्पादों को न केवल वाजिब दाम ही मिलेगा बल्कि स्वंय सहायता समूहों की महिलाओं को निरन्तर काम मिलने के चलते इनकी आय में भी बढोतरी सम्भव होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में निर्धन परिवारों से जुडी महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए स्वय सहायता समूह की अत्यन्त कारगर भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद जहंा हमारी विलुप्त हो रही प्राचीन पारम्परिक लोक कलाओं एव संस्कृति को भावी पीढी से रूबरू करवाते है वही स्वारोजगार का सशक्त साधन बनकर अधेरें घरों में आत्मनिर्भरता का प्रकाश भी प्रवज्जलित करके बच्चों अथवा परिवारों के भविष्य को भी उज्जवल बनाते है। उन्होने कहा कि बिलासपुर जिला में कई ऐसे उत्पाद तैयार किये जा सकते है जो राज्य ही नही अपितु राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर की अलग पहचान उजागर कर सकते है।
उपायुक्त विवेक भाटिया ने व्यास प्योर फैडरेशन के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान मे व्यास प्योर फैडरेशन के साथ जिला के चारों विकास खण्डों के 946 स्वंय सहायता समूह को जोड़ा गया है उन्होने कहा कि जिला मे राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वंय सहायता समूहों को एकत्रित करके जिला स्तरीय व्यास प्योर फैडरेशन की परिकल्पना अब फलीभूत होने लगी है उन्होने कहा कि व्यास प्योर फैडरेशन द्वारा प्रदर्शित व बिक्री किये जाने वाले सभी उत्पादों की ब्रांडिग व पैकेजिंग सुनिश्चित बनाई जा रही है ताकि जिला उन्नत व उद्यमशील स्वय सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित हो सके। उन्होने बताया कि हाल ही में जिला में 21 स्वय सहायता समूहों की 50 से भी अधिक महिलाओं को दिल्ली मे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन मेले मे शिरकत करने के लिए भेजा गया था ताकि वह वहां से नई जानकारियां, ज्ञान व अनुभव प्राप्त करके व्यास प्योर फैडरेशन के उत्पादों मे और अधिक गुणवत्ता और निखार लाकर राष्ट्रीय स्तर के उत्पादो की श्रेणी मे लाने प्रयास कर सके। उपायुक्त ने बताया कि जिला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों व नगर अथवा बाजारों में चरण बद्ध तरीके से और अधिक व्यास प्योर फैडरेशन के आउटलेट खाने के प्रयास किये जा रहे ताकि अधिक से अधिक उत्पादों की बिक्री से स्वय सहायता समूहों के कार्याे मे गति लाकर इन्हे आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
उपमण्डल अधिकारी झण्डुत्ता विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यास प्योर फैडरेशन के स्टाल के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर, सजावटी सामान, पर्दों के अतिरिक्त मुरब्बा, विभिन्न तरह के आचार, चटनियां, स्वेटर, जैकेट, बच्चों के ऊनी कपडों के बुनाई वाले सैट, क्रोशिये रूमाल स्कूली व अन्य बैग, बांस व चिलारू से निर्मित उत्पादों के अलावा रासायानिक खादों रहित उत्पादित विभिन्न खाद्य वस्तुए उपलब्ध करवाई जाएगी।
उप निदेशक एवं जिला परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण संजित सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में इस समय 133 स्वयं सहायता समुहों को अपने कार्य चलाने के लिए परिक्रमा राशि प्रदान की जा रही है।
उन्होने बताया कि वर्ष 2018-19 मे जिला मे स्वंय सहायता समुहों को बैकों से जोड़ने के लिए 280 लाख रूपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया जिसमें अब तक 121 समुहों को बैंक से जोड़कर 224.35 लाख रूपए की राशि दी गई है। उन्होंनें बताया कि वर्ष 2018-19 में 250 समुहों का गठन किया गया है। उन्होनें कहा कि यह सुखद आश्चर्य है कि जिला के अधिकांश स्वयं सहायता समुह आत्मनिर्भर हों कर द्रुत गति से कार्य कर रहे है।

