
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
दिव्यांगजनों की सहायता प्राथमिकता पर की जानी आवश्यक है क्योंकि ये समाज का अभिन्न अंग है। यह उद्गार उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने जिला दिव्यांग पुर्नवास केन्द्र की संचालन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते बचत भवन में प्रकट किए। इस अवसर पर उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही जिला के दिव्यांगजनों को वांछित सहायता उपकरण उपलब्ध करवाने का प्रबन्ध किया जाएगा। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए की क्षेत्र के दिव्यागों की पहचान और सहायता हेतु जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र 2 दिसम्बर को कलोल में निर्धारित जनमंच कार्यक्रम में भाग लें। बैठक में दिव्यांगों के उत्थान के संदर्भ में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर डी.डी.आर.सी के नोडल अधिकारी हुक्म सिंह ठाकुर ने दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि डी.डी.आर.सी की टीम द्वारा जिला के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की 10 पंचायतों का सर्वेक्षण किया गया है तथा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर भी लगाए गए है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान चिन्ह्ति किए गए दिव्यांगजनों की संख्या अब 213 तक हो गई है जिन्हें सहायता उपकरण उपलब्ध कराए जाने है।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, डी.आर.डी.ए के उप निदेशक संजीत सिंह, चेतना संस्था के प्रशासक कश्मीर सिंह, ठाकुर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रमेश संख्यान, बाल विकास परियोजना अधिकारी नीलम टाडू, जुखाला डाइट से पुष्प राज शर्मा, डाॅ. रिशी टण्डन के अतिरिक्त धर्मानन्द और विक्रान्त धीमान, संजीव, बीटू, अजीत कुमार उपस्थित रहे।
