
जनवक्ता
कुल्लू
वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज कुल्लू में कहा कि हिमाचल प्रदेश में बहुमूल्य वन संपदा है और इसके संरक्षण और विस्तार पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के दौरान वन विभाग में अनेक विकासात्मक कार्य किए गए हैं। लोगों को वनों से अधिक से अधिक लाभ मिले तथा लोगों को वनों के संरक्षण, प्रबन्धन व वनों के विस्तार जैसे कार्यों से जोड़ने के लिए विभाग में अनके योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को पौधरोपण तथा वन अग्नि के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाए गए, जिनमें स्थानीय लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस वर्ष 12 से 14 जुलाई तक 3 दिनों का पौधरोपण अभियान चलाया गया जिसके अन्तर्गत पूरे प्रदेश में 108 चिन्हित स्थानों पर स्थानीय समुदायों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में 86231 स्थानीय लोगों ने भाग लिया तथा 17,51,889 पौधे रोपित किए गए। इस वर्ष लगभग 55 हजार पौधे पूरे प्रदेश में वन भूमि पर रोपित किए गए।
वन मंत्री ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों में वन व पर्यावरण के संरक्षण की भावना जागृत करने के लिए ‘विद्यार्थी वन मित्र योजना’ आरम्भ की गई, जिसके तहत विद्यार्थियों ने चिन्हित वन भूमि पर पौधरोपण किया। अभी तक इस वर्ष 125 स्कूलों का चयन इस योजना के लिए किया जा चुका है। वनों के प्रबन्धन में स्थानीय लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा सामुदायिक वन संवर्धन योजना शुरू की गई हैं। इससे गांवों के आस-पास खाली वन क्षेत्र पर न केवल पौधरोपण किया जाएगा अपितु लोगों द्वारा स्वयं निर्धारित अन्य भू एवं वन संवर्धन सम्बन्धित कार्य किया जाएगा। इससे वनों के अधीन क्षेत्र बढ़ेगा व जन समुदाय वन संरक्षण के कार्य में भी जुड़ेंगे।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि जंगली जड़ी-बूटियों को बेचने व निजी जमीन से इनके उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य सह सरकार ने वन समृद्धि जन समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना के अन्तर्गत जड़ी-बूटी संग्रह करने वाले स्थानीय निवासियों का समूह बनाकर दोहन के पश्चात उनका रख-रखाव, मूल्य संवर्धन तथा विपणन हेतु व्यवस्था की जा रही है। यही नहीं इस योजना से जड़ी-बूटी पर आधारित औषधि निर्माण के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 26 प्रतिशत तक अनुदान तथा व्यक्तिगत निजी उद्यमी को भी जड़ी-बूटी व्यापार संबंधी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष यह योजना 6 जिलों के दस वन मंडलों में लागू की जा रही है।
इसके अतिरिक्त चीड़ की पत्तियों को इकट्ठा करने व वन भूमि से हटाने के उद्देश्य से इस वर्ष सरकार द्वारा एक नई नीति बनाई गई हैं इसके अन्तर्गत चीड़ की पतियों पर आधारित उद्योग लगाने के लिए पूंजी निवेश पर 50 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम रुपये 25 लाख) देने का प्रावधान किया गया हैं उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के अतिरिक्त वन विभाग में फ्रंट लाईन स्टाफ का मनोबल बढ़ाने तथा उनकी सुरक्षा हेतु विभाग के वन रक्षकों को नई योजना के तहत हथियार उपलब्ध करवाए गए हैं। इस योजना के अन्तर्गत इच्छुक वन रक्षकों को उचित हथियार खरीदने के लिए 12000 रुपये प्रति वन रक्षक यह सब्सिडी देने हेतु चयनित किया गया है। वन विभाग विद्यार्थियों द्वारा वन संरक्षण की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें नकद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान करेगा।
