
जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
सदर विस क्षेत्र से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि जामली में बीती रात हुए सड़क हादसे के पीछे सीधे तौर पर प्रशासन और सरकार जिम्मेवार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए नई बसों को पूरे प्रदेश से तैयार किया गया और रोजमर्रा के रूटों पर खटारा बसों को धकेल दिया गया। बंबर ठाकुर ने कहा कि यह राजनैतिक चापलूसी की हद से उपर की पराकाष्ठा है जिसमें आम जनता की जान की परवाह किए बगैर अपने चहेते नेताओं को खुश किया जा रहा है। इस मामले की निष्पक्षता से सरकार न्यायिक जांच करवाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। सरकार को केवल मोदी की रैली की चिंता रही जबकि जनता कड़ाके की ठंड में मरती रही। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि इस हादसे का लोगों का पता नहीं चलता और वे अपने वाहनों का प्रयोग बस हादसे के घायलों को अस्पताल तक न पहुंचाते तो मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता था क्योंकि दो जिलों की सीमाओं पर हुए इस हादसे पर एक घंटे तक कोई भी एंबूलेंस नहीं पहुंची। जिस कारण लोगों को घायलों को अस्पताल तक लाने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिलासपुर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी भी इलाज के लिए भारी पड़ी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर अस्पताल में एनेस्थेसिजिया चिकित्सक और आपरेशन थियेटर सहायक उपलब्ध नहीं है। जिस कारण गंभीर रूप से घायलों को पीजीआई रैफर किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यालय के जिलास्तरीय अस्पताल एनेस्थेसिजिया और ओटीए तक नहीं है जबकि सिविल अस्पताल घुमारवीं में यह दोनो पद भरे हैं। बंबर का आरोप है कि सरकार की रैली में मशगूल प्रशासनिक अधिकारियों ने इस चिकित्सकों की सेवाएं लेना उचित नहीं समझा और कड़ाके की ठंड में घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ भेजना पड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के अस्पताल का यह हाल है तो पूरे प्रदेश और देश के स्वास्थ्य का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जामली सड़क हादसे की न्यायिक जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
