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जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल में राजनीति के नये युग का सूत्रपात

एक वर्ष के भीतर प्रदेश के लिए साढ़े 17 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत

प्रदेश सरकार की नई योजनाओं से समाज के हर वर्ग का कल्याण भी सुनिश्चित

अरूण डोगरा रीतू
मुख्य संपादक

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल सरकार का एक वर्ष का अभूतपूर्व उपलब्धियों से भरा रहा है। बीते एक वर्ष में प्रदेश में सुशासन लाने, भ्रष्टाचार एवं माफिया को समाप्त करने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं जबकि विपक्षी दल में इस दौरान नेतृत्व को लेकर ही लड़ाई होती रही। यहां तक कि विपक्षी दल द्वारा जयराम ठाकुर की आलोचना भी केवल आलोचना भर तक सीमित रहा, जिसमें केवल व्यक्तिगत टिप्पणियां एवं हल्की बयानबाजी रही। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल में राजनीति के नये युग का जहां सूत्रपात हुआ है वहीं प्रदेश सरकार की नई योजनाओं से समाज के हर वर्ग का कल्याण भी सुनिश्चित हुआ है। भाजपा की केंद्र सरकार के साढ़े चार साल व प्रदेश सरकार के एक साल के शासन में जो विकास हुआ है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वास्तव में विजन के साथ काम करते हैं।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश से विशेष स्नेह का फल

यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश से विशेष स्नेह का फल है कि एक वर्ष के भीतर प्रदेश के लिए साढ़े 17 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई, जिसमें पर्यटन विकास योजनाओं में 1892 करोड़ रुपये, बागवानी में 1688 करोड़ रुपये, जल संसाधन में 4751 करोड़ रुपये, खुंब उत्पादन विकास योजनाओं में 423 करोड़ रुपयेरबंधन योजनाओं में 800 करोड़ रुपये, पेयजल विकास योजनाओं के लिए 2367 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व अन्य सड़कों की योजनाओं के लिए 1900 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के लिए 1500 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां शामिल हैं।

गुड़िया हेल्पलाइन के माध्यम से 1233 शिकायतों में से 1196 का निपटारा

महिला सुरक्षा के अपने वादे के तहत प्रदेश सरकार ने एक साल के भीतर गुड़िया हेल्पलाइन के माध्यम से 1233 शिकायतें दर्ज की, जिसमें 1196 का निपटारा कर दिया गया है। अन्य में एफआईआर दर्ज हैं।

होशियार हेल्पलाइन के माध्यम से 1197 मामले जिसमें 1176 का निपटारा

भ्रष्टाचार के खिलाफ होशियार हेल्पलाइन के माध्यम से 1197 मामले दर्ज हुए, जिसमें 1176 का निपटारा कर दिया गया है। नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान और कानूनों को कठोर बनाया गया है।

हिमाचल गृहणी योजना के तहत 32,134 निशुल्क एलपीजी के दिए कनेक्शन

केन्द्र की उज्जवला योजना में छूटी गृहणियों को हिमाचल गृहणी योजना के तहत 32,134 निशुल्क एलपीजी के कनेक्शन दिए गए।

कर्मचारी वर्ग व पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते के रूप में 980 करोड़ रुपये

प्रदेश के कर्मचारी वर्ग व पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते के रूप में 980 करोड़ रुपये के आर्थिक लाभ दिए गए।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत एक साल में 76025 पेंशन स्वीकृत

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में 70 वर्ष के वृद्धि भी शामिल किए। इस तरह एक साल में 76025 पेंशन स्वीकृत हुईं।

जनमंच के 74 कार्यक्रम हुए इसमें 25,227 शिकायतों में से 20,062 का निपटारा

एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर जनमंच कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें एक साल के भीतर 74 कार्यक्रम हुए। इसमें 25,227 शिकायतें दर्ज हुईं और 20,062 का निपटारा मौके पर किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में रूसा प्रणाली में समेस्टर को समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू करना, स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं लगाना। स्वास्थ्य क्षेत्र में नए संस्थान खोलना, सस्ती दवाएं उपलब्ध करवाना शाही रहा है। साथ ही, प्रदेशवासियों के छोटे घरेलू वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त कर बड़ी राहत दी है। इसके अलावा प्रदेश सरकार अपने एक साल के कार्यकाल में प्रदेश में माफियाओं का दमन करने में सफल रही है। प्रदेश में वन, भूमि और खनन माफिया के गत एक साल में हौसले ध्वस्त हुए हैं। कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जयराम ठाकुर को अपनी दिशा पर भरोसा है। पहले वर्ष के लिए तय किए लक्ष्य निर्धारित काफी हद पूरे हुए है यह आंकड़े बताते हैं। एक साल में सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना अपने आप में एक विशेष उपलब्धि कही जा सकती है।


जय राम ठाकुर का मानना है कि प्रदेश को जमीनी स्तर पर समझा जाए और फिर आगे बढ़ें। समस्याओं का अनुभव होना जरूरी है तभी विकास की योजनाएं बना सकते हैं। जयराम ठाकुर ने एक साल लगातार काम किया है यानि उन्होंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं की। रविवार को भी आराम नहीं किया। मुख्यमंत्री का मानना है कि औद्योगिक विकास समय की जरूरत है उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे में हिमाचल का विकास होना चाहिए तभी वास्तव में विकास कहा जा सकता है। जहां तक लोकसभा चुनाव की बात है तो मुख्यमंत्री के सामने अब वही लक्ष्य है और यह लक्ष्य महत्वपूर्ण भी है। वह मानते हैं कि मोदी सरकार का कार्यकाल अच्छा रहा है और लोगों का भी यह मानना है कि पांच साल मोदी के लिए कम हैं, इसलिए उन्हें और समय दिया जाए।

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