
जनवक्ता ब्यूरो शिमला
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि धर्म समाज का आदर्श है और धर्म के प्रति आदर, श्रद्धा व समर्पण होना नितांत आवश्यक है। वह आज शिमला के प्रसिद्ध गुरूद्वारा में गुरूद्वारा सिंघ सभा द्वारा श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के352वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने गुरूद्वारा में शीश नवाकर गुरू गोबिंद सिंह जी का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह जी का धर्म, समाज व देश के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनका बलिदान और बहादुरी न केवल सिक्ख धर्म व समाज के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श और प्रेरणा बना। उनकी प्रेरणाएं और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और सदैव रहेंगे। उन्होंने कहा कि महज नौ वर्ष की छोटी से आयु में ही गुरू गोबिंद सिंह जी ने अपने पिता तेग बहादुर सिंह को धर्म और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि शायद ही इतिहास में कहीं ऐसा उदाहरण हो, जहां इतना बड़ा बलिदान पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति की दौड़ में धर्म और संस्कार पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें समाज में आदर्श स्थापित करने वाले इन महापुरूषों की गाथाएं पढ़नी चाहिए और भावी पीढ़ियों को भी जानकारी प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन महापुरूषों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं और अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि अगले वर्ष श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव है जिसे देशभर में श्रद्धा व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महापुरूषों के योगदान को स्मरण करने तथा मानवता को संदेश देने वाले इस महापर्व को हिमाचल प्रदेश में भी बड़े स्तर पर मनाया जाएगा और राज्य सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर प्रदेशवासियों को लोहड़ी तथा मकर सक्रांति की शुभकामनाएं भी दी। इससे पूर्व, गुरू सिंघ सभा शिमला के प्रधान जसविन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री को सरोपा व वीरता का प्रतीक तलवार भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी सम्मानित किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, शिमला नगर निगम के उप-महापौर राकेश शर्मा, पार्षदगण, भाजपा नेता संदीपनी भारद्वाज, उपायुक्त अमित कश्यप तथा गुरू सिंघ सभा के पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
